
दो जिम्मेदारों की खींचतान से अधर में लटका नगर का विकास

रायबरेली।
चेयरमैन और ईओ के बीच अहम का टकराव कहें या राजनीति जिसके कारण नगर पालिका में आए दिन वाद विवाद की स्थिति बनी रहती है। चेयरमैन शत्रोहन सोनकर और अधिशासी अधिकारी स्वर्ण सिंह की खींचतान में क्षेत्र के सभासद भी स्वयं को असहज महसूस कर रहे हैं। वर्तमान में नगर का विकास बुरी तरह प्रभावित है और समस्याएं लगातार नगर में हावी हो रही हैं और आम जनमानस के लिए परेशानियों का कारण बन रही हैं। नगर पालिका अध्यक्ष और अधिशासी अधिकारी बीच हो रहे अमर्यादित हंगामे ने दोनों प्रमुख पदों की संवैधानिक मर्यादाओं को तार तार कर दिया है। सूत्रों की मानें तो इस मामले में अलग अलग चर्चाएं भी हो रही हैं। लोगों का कहना है कि चेयरमैन कार्य न करने के लिए बहाना बनाकर जनता से आंखमिचौली कर रहे हैं तो कोई ईओ पर सत्ता के इशारे पर काम करने का आरोप लगा रहा है।
बीते दिनों चेयरमैन द्वारा ईओ के विरुद्ध धरने पर बैठने व जिलाधिकारी से शिकायत के बाद भी उनके द्वारा कोई ठोस कदम न उठाया जाना भी राजनीतिक गतिविधियों की ओर इशारा करता है। फ़िलहाल इस मामले में जिले के उच्चाधिकारियों द्वारा कार्यवाही कर इसका उचित समाधान करने की आवश्यकता है ताकि नगर के विकास कार्य को सुचारु रूप से कराया जा सके और जनता को तमाम समस्याओं से निजात मिल सके।
Author: Vikas Srivastava










