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आर.जी.आई.पी.टी. एवं आई.आई.टी. पटना के बीच शैक्षणिक व शोध कार्य के लिए समझौता

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आर.जी.आई.पी.टी. एवं आई.आई.टी. पटना के बीच शैक्षणिक व शोध कार्य के लिए समझौता

 

जायस।

राजीव गाँधी पेट्रोलियम प्रौद्योगिकी संस्थान (आर.जी.आई.पी.टी.), जायस, अमेठी ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आई.आई.टी.) पटना के साथ शैक्षणिक एवं शोध सहयोग बढ़ाने के लिए एक समझौता पर हस्ताक्षर किया है। देश में राष्ट्रीय महत्व के दो प्रतिष्ठित संस्थानों के बीच यह समझौता शोध एवं शैक्षणिक सहयोग बढ़ाने और नई दिशा देने के उद्देश्य से एक रणनीतिक साझेदारी है।

इस समझौते पर संस्थान के निदेशक प्रो. आलोक कुमार सिंह तथा आई.आई.टी. पटना के निदेशक प्रो. टी. एन. सिंह ने औपचारिक रूप से हस्ताक्षर किये। इस अवसर पर आरजीआईपीटी से प्रो. एम. एस. बालाथनिगइमणि, अधिष्ठाता-अनुसंधान व विकास, डॉ. मिलन कुमार, विभागाध्यक्ष-रासायनिक व जैव-रासायनिक अभियांत्रिकी विभाग, डॉ. अंकुर पांडे, सह-अधिष्ठाता एवं आईआईटी पटना से डॉ. अनुप केशरी, सह-अधिष्ठाता, अनुसंधान व विकास तथा डॉ. सुब्रत हयात, सह-अधिष्ठाता (पीजी), डॉ. सुशांत कुमार, सह-अधिष्ठाता (यूजी), डॉ. अनूप कुमार गुप्ता, विभागाध्यक्ष- रासायनिक व जैव-रासायनिक अभियांत्रिकी विभाग आदि उपस्थित थे।

इस समझौते के अंतर्गत दोनों संस्थान निम्न क्षेत्रों में कार्य करेंगे-

• वैज्ञानिक और तकनीकी जानकारी का आदान-प्रदान: शोध निष्कर्षों और तकनीकी जानकारियों को साझा करना।

• सहयोगी शोध गतिविधियां: संयुक्त शोध परियोजनाओं में भाग लेना, जिसमें राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय वित्त पोषित पहलों में भागीदारी शामिल है।

• छात्र प्रशिक्षण कार्यक्रम: उपलब्ध संसाधनों का उपयोग कर व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रदान करना।

• पीजी और पीएचडी छात्रों की संयुक्त निगरानी: स्नातकोत्तर और डॉक्टरेट उम्मीदवारों के मार्गदर्शन में सहयोग करना।

• शिक्षक, कर्मचारी, और छात्र यात्राएं: आपसी यात्राओं के माध्यम से ज्ञान का आदान-प्रदान करना।

यह समझौता दोनों संस्थानों के बीच सहयोग की भावना को बढ़ावा देने और शैक्षणिक परिदृश्य को समृद्ध करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस साझेदारी से विभिन्न क्षेत्रों में अभूतपूर्व शोध और नवाचार के रास्ते खुलेंगे।

पवन श्रीवास्तव की रिपोर्ट 

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