
विद्यालयों को अनुदानित करने की फर्जी योजनाएं संचालित

लखनऊ।
उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष रायबरेली गोविन्द प्रसाद मौर्या ने बताया कि प्रदेश भर में विभिन्न योजनाओं के नाम पर विद्यालयों को अनुदानित करने की फर्जी योजनाएं चल रही हैं उन्होंने यह बात लखनऊ मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों एवं उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षक संघ के पदाधिकारियों से वार्ता के बाद प्रेस को बताया।
गोविन्द प्रसाद मौर्या ने बताया कि नर्सरी से कक्षा 08 तक के बच्चों के लिए आरटीई एक्ट 2009 के तहत क्षतिपूर्ति का प्रावधान है जिसके लिए सभी विद्यालय वाले जो कक्षा 01 से 05 और 01 से 08 तक मान्यता प्राप्त हैं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के वहां जाकर अपने विद्यालय में प्री प्राइमरी कक्षाओं के संचालन को अंकित करा लें इस आशय का उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षक संघ का पत्र सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को प्रेषित कर दिया गया है।
आरटीई पोर्टल पर अपने विद्यालय की मैपिंग करा कर उसमें वास्तविक संख्या अपडेट करा लें जिससे उनको निःशुल्क बच्चे मिल सके तथा क्षतिपूर्ति की धनराशि प्राप्त हो सके, उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षक संघ ने ₹2000 प्रति बच्चे प्रतिमाह क्षतिपूर्ति की मांग किया है अभी ₹450 प्रति बच्चे प्रति माह मिलता है,इसके साथ ही उन्होंने अवगत कराया की 2021 से पहले के मान्यता प्राप्त कक्षा 01 से 05 और 01 से 08 तक के विद्यालयों को किसी प्रकार के नवीनीकरण अथवा स्थाईकरण की आवश्यकता नहीं है, वह विद्यालय पूर्ववत चलते रहेंगे अगर किसी को कोई समस्या है तो वह उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षक संघ के पदाधिकारियों से सम्पर्क कर सकता है, जिन विद्यालयों की मान्यता किसी प्रकार से नहीं है और उन्होंने उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद से मान्यता की तैयारी कर रखी थी मान्यता नियमों के कठिनता की वजह से नहीं हो पाया वह उत्तर प्रदेश माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद से मान्यता प्राप्त कर सकते हैं तथा जिन विद्यालयों की पत्रावली उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की बैठक में निरस्त कर दी गई है उनके पुनर्विचार के लिए संगठन ने पत्र जारी किया है वह सम्पर्क करके अपनी पत्रावली पर पुनर्विचार करा सकते हैं, ऐसे बहुत सारी समस्याओं के सम्बन्ध में मौर्या ने बताया कि संगठित होकर के आवाज उठाने पर संघ उनके साथ है और उनकी समस्याओं का निराकरण कराएगा।
पवन श्रीवास्तव की रिपोर्ट
Author: Vikas Srivastava










