
मजदूर दिवस के अवसर पर भाकपा (माले) ने किया विशाल धरना प्रदर्शन
रायबरेली।
मजदूर दिवस के अवसर पर भाकपा (माले) ने विकास भवन में धरना प्रदर्शन किया। तत्पश्चात डिग्री कॉलेज चौराहा होते हुए जिलाधिकारी कार्यालय तक जुलूस निकाला गया।

प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए किसान महासभा जिलाध्यक्ष फूल चंद्र मौर्या ने कहा कि उत्तर प्रदेश में डबल इंजन की सरकार गरीबों, मजलूमों के लिए डबल आपदा बन गई है। मुख्यमंत्री योगी का विध्वंसकारी, गैरकानूनी बुल्डोजर गरीबों के आशियाने और आजीविका को रौंद रहा है। कई जिलों में गांव के गांव उजाड़ने की पृष्ठभूमि तैयार कर दी गई है। वन भूमि, वृक्षारोपण, डूब क्षेत्र, ग्रीन बेल्ट, पावर प्लांट और दूसरी परियोजनाओं के नाम पर सैंकड़ों गांवों पर विस्थापन की तलवार लटक रही है। जबरिया बेदखली, विस्थापन, जमीन हड़प और बुल्डोजर न्याय पूरे प्रदेश की परिघटना बन गई है ।

उन्होंने कहा कि माइक्रो फाइनेंस कंपनियों के रुप में नए महाजनी सूदखोर पैदा हो गए हैं, जिनके उत्पीड़न के चलते कर्जग्रस्त परिवार आत्महत्या और पलायन कर रहे हैं। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की गाइड लाइन का अनुपालन नहीं हो रहा है। भाजपा सरकार कॉर्पोरेट और बड़े पूंजीपतियों पर सरकारी बैंक के 16 लाख करोड़ रुपये के कर्जे माफ कर चुकी है, लेकिन गरीबों पर माइक्रो फाइनेंस के छोटे-छोटे कर्जे माफ नहीं कर रही है। माले जिला सचिव ने कहा कि अनाप शनाप, बढ़े हुए फर्जी बिजली बिल भेज देना और न चुकाने पर बिजली काट देना, स्मार्ट मीटर के नाम पर उत्पीड़न करना आम समस्या है। 200 यूनिट प्रति माह फ्री बिजली देने की लोकप्रिय मांग अनसुनी की जा रही है। बिजली का निजीकरण किया जा रहा है, जिससे यह और महंगी होगी।
स्कीम वर्कर्स फेडरेशन की जिला संयोजक विद्या देवी ने कहा कि महिलाओं, दलितों और अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न में योगी सरकार का मुकाबला नहीं है। अपराधियों और दबंगों को पूरा संरक्षण है। ठोको नीति और हिरासती मौतों पर कोई लगाम नहीं है। इंकलाबी नौजवान सभा के का. अध्यक्ष गुलाम अहमद सिद्दीकी ने कहा कि मंहगाई चरम पर है। ग्रामीण मजदूर भुखमरी की कगार पर हैं। मनरेगा में रोजगार के बेहद कम अवसर हैं कि जिले से मजदूरों का पलायन अपने चरम पर है। जनपद से अन्य प्रदेशों में काम पर जाने वाले श्रमिको की सुरक्षा की कोई जवाबदेही नहीं है। बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि पूरे चंदी मजरे मेरामऊ थाना गुरबक्शगंज रायबरेली के एक युवक जितेंद्र कुमार की बिहार के सीता मढ़ी में एक भट्ठा मालिक ने अकारण हत्या कर दी।

इसके उपरांत पीढ़ियों से आबाद बसावटों को उन्हीं जमीनों का पट्टा देकर स्थाई किये जाने, बिजली के बिल माफ कर काटे गए कनेक्शन की बहाली, मनरेगा में कार्य दिवस 200 तथा मजदूरी 500 रु दैनिक करते हुए पलायन पर रोक लगाने, माइक्रो फाइनेंस कंपनियों की मनमानी पर रोक लगाने, पूरे चंदी मजरे मेरामऊ थाना गुरबक्सगंज जिला रायबरेली के प्रवासी मजदूर जितेंद्र की बिहार के सीतामढ़ी में हुई हत्या से सबक लेते हुए जिले से बाहर काम के लिए जाने वाले श्रमिको का पंजीकरण करने व उनकी सुरक्षा के लिए उचित उपाय किए जाने तथा मृतक युवक जितेंद्र कुमार के परिजनों को 20 लाख का मुआवजा देने, आशा वर्कर्स और मिड डे मील वर्कर्स को न्यूनतम वेतन के बराबर भुगतान करने संबंधित मांगो वाला राज्यपाल को संबोधित 7 सूत्रीय मांग पत्र नगर मजिस्ट्रेट को सौंपा गया। कार्यक्रम में इंद्र बहादुर यादव, राम गोपाल लोधी, गायत्री देवी, सरस्वती, राम धनी, डॉ हलीम महमूद सहित बड़ी संख्या में लोगों ने कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।
Author: Vikas Srivastava










