
चिकित्सा में लापरवाही से प्रसूता की मौत
आरोपों के घेरे में ज़िला महिला चिकित्सालय

रायबरेली।
जनपद का ज़िला महिला चिकित्सालय एक बार फिर चर्चा में है अस्पताल की एक चिकित्सक एवम् उनकी सहकर्मियों द्वारा चिकित्सा में लापरवाही से महिला की मृत्यु और पैसे लेने का मामला सामने आया है। बीते दिनों सीएमओ ने अपने वातानुकूलित कक्ष में बैठे बैठे भले ही अपने यहां सभी मानको के साथ कार्य होने का दावा करते हुए पत्रकार को कानूनी कार्यवाही की धमकी दी थी लेकिन सच्चाई अधिक समय तक छिप नही सकती।
ज्ञात हो कि ग्राम किलौली थाना गुरूबक्सगंज जिला रायबरेली निवासी अमर सिंह पुत्र राम सिरोहन ने डॉक्टर सहित स्टॉफ पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि उसने अपनी गर्भवती पत्नी दीप्ति (27) को प्रसव हेतु दिनांक 12 सितम्बर 2024 को लगभग दोपहर 2 बजे जिला महिला अस्पताल रायबरेली में भर्ती कराया था। जिसके बाद दीप्ती का डा० सुनीता प्रसाद द्वारा आपरेशन किया गया जिससे पुत्र का जन्म हुआ जच्चा व बच्चा दोनो ठीक थे किन्तु अगले दिन लगभग दोपहर 12 बजे दीप्ती की अचानक तबियत खराब होने लगी तो मौके पर मौजूद समस्त स्टाफ द्वारा डा० सुनीता प्रसाद की मौजूदगी में एक के बाद एक लगातार 5-6 इन्जेक्शन दीप्ती को लगा दिए गए उसकी तबियत में सुधार के बजाय और स्थिति बिगडती चली गयी और कुछ समय मे ही आंख एवं चहरे के साथ-साथ पूरे शरीर में सूजन आ गयी एवं शरीर पर चकत्ते भी पड़ गये था पेट में भी काफी सूजन आ गयी। जब उसने (पति) अस्पताल में मौजूद डाक्टर व नर्स से इस बारे मे पूंछा तो कोई कुछ बताने को तैयार नहीं था। देखते ही दखते दीप्ती की मृत्यु हो गयी किन्तु जिला महिला अस्पताल के डाक्टर व नर्स द्वारा आनन फानन में जबरन के जी एम यू लखनऊ के लिए पर्चे पर रिफर बनाकर उसको मृतक पत्नी के साथ अस्पताल से बाहर कर दिया।
पीड़ित पति ने बताया कि वह एंबुलेस बुलाकर के जी एम यू लखनऊ गया वहां पर मौजूद डाक्टर ने उसकी पत्नी दीप्ती की मृत्यु की पुष्टि करते हुए कहा कि इसकी मृत्यु 4-5 घण्टे पूर्व हो चुकी है। सदमे में होने के कारण घर वालो ने उसकी पत्नी का अंतिम संस्कार करा दिया। उसने उपरोक्त घटना की सूचना थाना कोतवाली में दिनांक 17 सितम्बर 2024 को दिया किन्तु आज तक प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज नही की गई। पीड़ित पति ने पुलिस अधीक्षक रायबरेली को प्रार्थना पत्र देते हुए उक्त घटना में संलिप्त डाक्टर व नर्स एवं अन्य स्टाफ के विरूद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज किए जाने की मांग की।
Author: Vikas Srivastava










