
आर.जी.आई.पी.टी. में अपस्ट्रीम क्षेत्र के रूपांतरण विषय पर दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का समापन


जायस, रायबरेली।
राजीव गाँधी पेट्रोलियम प्रौद्योगिकी संस्थान, जायस, अमेठी में 30 सितंबर 2024 से चल रहे दो दिवसीय अपस्ट्रीम सेक्टर के रूपांतरण विषय पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन (आई.सी.टी.यू.) 2024 का 1 अक्तूबर 2024 को समापन हुआ। कार्यक्रम के दूसरे दिन की शुरुआत हाइड्रोकार्बन महानिदेशालय के अतिरिक्त महानिदेशक सचिव कुमार द्वारा सशक्त भारत के लिए अपस्ट्रीम सेक्टर को बढ़ावा देने, उसके अवसरों और रणनीतियों के संबंध में व्याख्यान से हुई। कार्यक्रम के चौथे एवं पांचवे सत्र में तेल क्षेत्र अनुप्रयोगों में सामग्री और प्रगति विषय तथा CO2 जियोसेक्वेस्ट्रेशन टेक्नोलॉजीज और ऊर्जा संक्रमण के अंतर्गत शीतल खोत, अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक, एस.एन.एफ. फ्लॉपम द्वारा “तेल क्षेत्र अनुप्रयोग के लिए नवीन पॉलिमर”, प्रो. संकेत जोशी- पूर्व उपनिदेशक, एमिटी इंस्टीट्यूट ऑफ माइक्रोबियल टेक्नोलॉजी द्वारा “पेट्रोलियम उद्योग अनुप्रयोगों के लिए जैव आधारित रसायन”, डॉ. आशीष कुमार- आईआईपी द्वारा “तेल और गैस उद्योगों के अपस्ट्रीम और मिडस्ट्रीम क्षेत्रों में गैस हाइड्रेट जमाव का प्रबंधन” तथा प्रोफेसर विक्रम विशाल- आईआईटी बॉम्बे द्वारा “भारत में CO2 भंडारण की तैयारी को आगे बढ़ाना और सीसीएस को जोखिम से मुक्त करना” शीर्षकों पर व्याख्यान प्रस्तुत किया गया।
समापन सत्र के अंतिम चरण में पैनल चर्चा में “ऊर्जा परिवर्तन को नेविगेट करना: अपस्ट्रीम तेल और गैस का भविष्य” प्रोफेसर विक्रम विशाल, आईआईटी बॉम्बे, डॉ. फारूक अल-जहवारी, सुल्तान कबूस विश्वविद्यालय, ओमान प्रो.ए.एस.के. सिन्हा, आरजीआईपीटी, राम सकल वर्मा, डीजीएच तथा डीपी दिनेश बाबू, डीजीएम (भूविज्ञान), ऑयल इंडिया लिमिटेड सम्मिलित हुए। सम्मेलन के दौरान आरजीआईपीटी तथा अन्य संस्थानों से उपस्थित विद्वानों तथा शोधार्थियों ने अपने-अपने शोध कार्यों से अवगत कराया एवं विचार व्यक्त किये।
इस अवसर पर संस्थान के निदेशक प्रो. आलोक कुमार सिंह, विभागाध्यक्ष प्रो. सतीश कुमार सिन्हा, कार्यक्रम समन्वयक डॉ. शिवांजली शर्मा एवं डॉ. अमित सक्सेना ने अपने विचार व्यक्त किये।
Author: Vikas Srivastava










