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योगीराज में निरंकुश हो रहे अधिकारी, अधिशासी अधिकारी को नही दिखते सड़कों के गड्ढे

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योगीराज में निरंकुश हो रहे अधिकारी, अधिशासी अधिकारी को नही दिखते सड़कों के गड्ढे 

सवाल पूंछने पर मीडिया कर्मियों पर भड़के अधिशासी अधिकारी

रायबरेली।

सरकार जहां एक ओर सड़कों को गड्ढा मुक्त करने हेतु निरन्तर निर्देश जारी करती रहती है वहीं दूसरी ओर जिला प्रशासन मुख्यमंत्री के आदेशों को खुली चुनौती देने में पीछे नही हटते। ज्ञात हो कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा 10 अक्टूबर तक सड़कों को गड्ढा मुक्त करने हेतु निर्देश जारी किए थे किन्तु रायबरेली जनपद में इन निर्देशों के अनुपालन में मात्र कुछ जगहों पर गड्ढे भरकर जिम्मेदारों द्वारा अपने दायित्वों से इतिश्री कर ली गई। नगर पालिका क्षेत्र अंतर्गत एक दो मार्गों को छोड़कर लगभग सभी सड़कों पर गड्ढे ही गड्ढे दिखाई देते हैं जो राहगीरों के लिए परेशानी का कारण बनते हैं किन्तु नगर पालिका अधिशाषी अधिकारी स्वर्ण सिंह को अपने क्षेत्र की सड़कों के गड्ढे नही दिखाई देते। जबकि नगर पालिका कार्यालय के बाहर निकल कर चंद कदमों की दूरी पर सुपर मार्केट से घंटाघर, कैपरगंज, बस स्टॉप, जेल रोड, अस्पताल चौराहा आदि मार्ग पूर्णतया खस्ताहाल पड़ा हुआ है। इतना ही नही हमारे संवाददाता द्वारा बीते लगभग 2 माह से अधिशासी अधिकारी स्वर्ण सिंह से संपर्क करने का प्रयास किया जा रहा था किंतु न तो उनका फोन मिलता है और न वह कार्यालय में पाए गए। आज संयोग से जब वह कार्यालय में मिले तो गड्ढा मुक्ति से सम्बंधित जानकारी लेने पर पत्रकारों पर ही भड़क गए और अभद्रता पूर्वक कहा पहले आप ठीक से देख लीजिए तब बात करिए। आप बेवजह की बात न करिए। गड्ढा मुक्ति का मतलब डामरीकरण नही होता। गड्ढा मुक्ति दो तरह का होता है। इतना ही बल्कि साथी पत्रकार को हाथ में मोबाइल देख उसे डांटते हुए कहा कि मोबाइल अपने जेब में रखो ऐसे ही बात करो।

जब जिले के जिम्मेदार पदों पर आसीन अधिकारी मीडिया कर्मियों से इस प्रकार व्यवहार करते हो तो आम जनता से कैसा व्यवहार करते होंगे इसका अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है। जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट आदेश दिया है कि सभी अधिकारी पत्रकारों से सम्मानजनक व्यवहार करें और उनका फोन अवश्य उठाएं किन्तु इन अधिकारियों द्वारा मुख्यमंत्री के आदेशों को ठेंगा दिखाने में कोई कसर नही छोड़ी जाती। जिससे यह स्पष्ट होता है कि ऐसे अधिकारियों द्वारा सरकार की छवि धूमिल करने में पूर्णतया प्रयासरत हैं।

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