आठवें केंद्रीय वेतन आयोग के गठन को कैबिनेट की हरी झंडी
2026 से लागू होगा आठवां वेतन आयोग
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने प्रधानमंत्री का जताया आभार
लखनऊ।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में संपन्न हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में केंद्रीय कर्मचारियों के लिए आठवें वेतन आयोग के गठन पर अपनी मोहर लगा दी गई है। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष जे एन तिवारी ने केंद्रीय मंत्रिमंडल के इस निर्णय का स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने लखनऊ में एक प्रेस विज्ञप्ति में अवगत कराया है कि देश का 5 करोड़ से भी अधिक केंद्रीय कर्मचारी, राज्य कर्मचारी एवं पेंशनर्स आठवें वेतन आयोग की घोषणा का इंतजार कर रहा था। सरकार के इस निर्णय से 5 करोड़ से भी अधिक कर्मचारियों को इस महंगाई के दौर में वेतन वृद्धि की आस जाग उठी है। संयुक्त परिषद के अध्यक्ष जे एन तिवारी, कार्यवाहक अध्यक्ष निरंजन कुमार श्रीवास्तव, वरिष्ठ उपाध्यक्ष नारायण जी दुबे, महामंत्री अरुणा शुक्ला, उपाध्यक्ष त्रिलोकी नाथ चौरसिया, प्रीति पांडे, आदित्य नारायण झा, शेष नारायण मिश्रा, ओम प्रकाश गौड़, अजय लक्ष्मी, राजेश निराला, अमित वर्मा, एवं संयुक्त परिषद की केंद्रीय कार्यकारिणी के सभी पदाधिकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आभार व्यक्त किया।
संयुक्त परिषद के अध्यक्ष जे एन तिवारी ने आठवें वेतन आयोग के गठन की घोषणा पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए अवगत कराया कि वेतन आयोग के गठन से कर्मचारियों के वेतन में इजाफा होगा जिससे बढ़ती हुई महंगाई से लड़ने में सहायता मिलेगी। उन्होंने केंद्र सरकार से 50% महंगाई भत्ते को वेतन में तत्काल मर्ज करने करने की मांग की है। उन्होंने अवगत कराया है कि पहला वेतन आयोग 1946 में गठित किया गया था जिसके अध्यक्ष श्रीनिवास वरदाचारी थे। दूसरा वेतन आयोग 1957 में जगन्नाथ दास की अध्यक्षता में गठित हुआ था। तीसरा वेतन आयोग रघुबीर दयाल की अध्यक्षता में 1970 में गठित हुआ था। चौथा वेतन आयोग 1983 में पी एन सिंघल की अध्यक्षता में गठित हुआ था। 1994 में पांचवां वेतन आयोग गठित हुआ था जिसके अध्यक्ष रत्नावेल पांडियन थे। छठा वेतन आयोग 2006 में बी कृष्णा की अध्यक्षता में गठित हुआ था जबकि सातवां वेतन आयोग जस्टिस ए के माथुर की अध्यक्षता में 2016 गठित किया गया था। आठवें वेतन आयोग पर केंद्रीय मंत्री मंडल की सहमति 16 जनवरी 2025 को हुई है। अभी आठवें वेतन आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्यों की घोषणा नहीं की गई है। आशा की जा रही कि शीघ्र ही आठवें वेतन आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्यों की घोषणा भी हो जाएगी। वेतन आयोग कर्मचारियों की महंगाई संबंधी समस्याओं, संवर्गीय संरचना, पदोन्नति अवरोध, कार्य दक्षता, कौशल विकास के अवसर को दृष्टि में रखते हुए संस्तुति करने के लिए गठित किया जाता है। वेतन आयोग राज्य सरकारों एवं पी सी यू के साथ परामर्श करता है तथा संगठनों के साथ भी विचार विमर्श कर नए वेतन आयोग की संरचना तय करता है। सामान्य रूप से एक वेतन आयोग के साथ 40 से 45% की वृद्धि संभावित की जाती है। जे एन तिवारी का कहना है कि न्यूनतम वेतन 18000 से बढ़कर 41800 तक किए जाने की संभावना बनती है।










