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148 साल पुरानी रजिस्ट्री सेवा 1 सितंबर से इतिहास में विलीन, स्पीड पोस्ट में होगा विलय

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148 साल पुरानी रजिस्ट्री सेवा 1 सितंबर से इतिहास में विलीन

स्पीड पोस्ट में होगा विलय

 

हरि शंकर पाराशर 

कटनी।

डाक विभाग की सबसे भरोसेमंद और महत्वपूर्ण मानी जाने वाली रजिस्ट्री सेवा 1 सितंबर 2025 से बंद हो जाएगी। 148 साल पुरानी इस सेवा को स्पीड पोस्ट में विलय कर दिया जाएगा। इस बदलाव के बाद लोगों को अब स्पीड पोस्ट का अधिक शुल्क देना होगा। वर्ष 1877 में शुरू हुई रजिस्ट्री सेवा वीपीपी और पार्सल सेवा के साथ अस्तित्व में आई थी। इससे पहले अंग्रेजों ने 1766 में देश में डाक सेवा शुरू की थी। रजिस्ट्री से न केवल आम लोगों, बल्कि खासकर बुजुर्गों की पुरानी यादें जुड़ी हैं। पहले कोर्ट के दस्तावेज, नौकरी के पत्र, बधाई संदेश आदि रजिस्टर्ड पोस्ट के जरिए ही भेजे जाते थे। लोगों का कहना है कि रजिस्ट्री कोर्ट में भी मान्य थी, लेकिन अब यह विश्वसनीय सेवा इतिहास के पन्नों में सिमट जाएगी।

डाक विभाग में निरंतर बदलाव, धीमी सेवाएं हो रहीं बंद

डाक विभाग के सूत्रों के अनुसार, विभाग लगातार आधुनिकीकरण की ओर बढ़ रहा है। तेज डिलीवरी के लिए डिजिपिन जैसी सेवाएं शुरू की गई हैं, साथ ही घर से पार्सल पिकअप की सुविधा भी दी जा रही है। इस क्रम में धीमी गति वाली सेवाओं को धीरे-धीरे बंद किया जा रहा है। इसी कड़ी में सरकार ने रजिस्ट्री सेवा को बंद कर इसे स्पीड पोस्ट में विलय करने का निर्णय लिया है।

विलय के बाद देना होगा स्पीड पोस्ट का शुल्क

डाक विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अभी रेट चार्ट निर्धारित नहीं हुआ है और संबंधित दस्तावेज भी प्राप्त नहीं हुए हैं। इसलिए, यह कहना जल्दबाजी होगी कि नया शुल्क क्या होगा। हालांकि, रजिस्ट्री बंद होने के बाद लोग स्पीड पोस्ट पर निर्भर होंगे और उन्हें स्पीड पोस्ट का निर्धारित शुल्क देना होगा। शुल्क वजन और दूरी के आधार पर तय होगा, जिसकी अंतिम जानकारी सरकारी अधिसूचना के बाद मिलेगी।

रजिस्ट्री और स्पीड पोस्ट में क्या है अंतर?

डाक विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि रजिस्ट्री में स्वामित्व का हस्तांतरण होता है और डाकिया इसे केवल उसी व्यक्ति को सौंपता है, जिसके नाम पर यह होता है। वहीं, स्पीड पोस्ट में यह बाध्यता नहीं है और इसे घर के किसी भी सदस्य को सौंपा जा सकता है। शुल्क की तुलना करें तो स्थानीय स्तर पर (831 पिन कोड) स्पीड पोस्ट का शुल्क 18 रुपये है, जबकि रजिस्ट्री का 26 रुपये। लेकिन लंबी दूरी, जैसे दिल्ली के लिए 50 ग्राम का स्पीड पोस्ट 41 रुपये का है, जबकि रजिस्ट्री का शुल्क 32 रुपये है।

लोगों की यादों का हिस्सा थी रजिस्ट्री

रजिस्ट्री सेवा के बंद होने से न केवल एक विश्वसनीय सेवा समाप्त होगी, बल्कि इससे जुड़ी लोगों की यादें भी इतिहास का हिस्सा बन जाएंगी। डाक विभाग के इस बदलाव से लोगों को अब स्पीड पोस्ट पर पूरी तरह निर्भर होना पड़ेगा।

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