निजी चिकित्सालय पर लगा लापरवाही का आरोप, ऑपरेशन के दौरान बिगड़ी मासूम की हालत

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निजी चिकित्सालय पर लगा लापरवाही का आरोप

ऑपरेशन के दौरान बिगड़ी मासूम की हालत

जिलाधिकारी की चौखट पर पहुंचे परिजन

 

संवाददाता  

रायबरेली।

जनपद के नगर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत एक निजी चिकित्सालय पर एक बार फिर उपचार में लापरवाही के चलते मासूम की जान जोख़िम में आ गई। जिसके बाद परिजनों ने मासूम को दूसरे चिकित्सालय में भर्ती कराया और जिलाधिकारी कार्यालय पहुंच कर न्याय की गुहार लगाई।

प्राप्त जानकारी अनुसार इंदिरा नगर स्थित शाश्वत नर्सिंग होम में टॉन्सिल ऑपरेशन के बाद एक 10 वर्षीय बच्ची की हालत गंभीर हो गई जिसके बाद परिजनों ने अस्पताल प्रशासन और चिकित्सक पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी से निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही की मांग की।

प्रतापगढ़ जनपद के लालगंज अझारा तहसील क्षेत्र के पूरे बोधी सिंह, मजरा अगई निवासी शरद कुमार सिंह पुत्र सुरेंद्र बहादुर सिंह ने सोमवार को जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर शिकायती पत्र सौंपा। शिकायत में उन्होंने बताया कि अपनी लगभग 10 वर्षीय पुत्री शिवानी सिंह को टॉन्सिल की समस्या के उपचार हेतु 29 जून 2026 को इंदिरा नगर स्थित शाश्वत नर्सिंग होम में भर्ती कराया था।

शरद कुमार सिंह ने बताया कि अस्पताल के चिकित्सक डॉ. अमित सिंह एवं स्टाफ द्वारा बच्ची को ऑपरेशन थिएटर में ले जाकर टॉन्सिल का ऑपरेशन शुरू किया गया, ऑपरेशन शुरू होने के कुछ ही समय बाद बच्ची जोर जोर से चीखने लगी, जब हम लोग ऑपरेशन थिएटर के पास पहुंचे तो डॉ. अमित सिंह व स्टॉफ ने हमारी पुत्री को बिना स्ट्रेचर हाथ में उठाकर लेकर मेरे भाई की गोद में डाल दिया और अपने कमरे में जाने को कहा। शरद कुमार सिंह ने बताया कि उस समय मेरी पुत्री की नाक से खून आ रहा था और वह चिल्ला रही थी जिसके बाद स्टॉफ द्वारा एक इंजेक्शन लगा दिया गया जिससे वह बेहोश हो गई और उसकी धड़कनें रुक गईं, उसका स्वास्थ्य बिगड़ता चला गया, जिसके बाद हमने अपनी पुत्री को लखनऊ के अपोलो हॉस्पिटल में भर्ती कराया जहां चिकित्सकों ने बताया कि उसका ब्रेन डैमेज हो गया है। परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान बरती गई लापरवाही के कारण बच्ची की जान जोखिम में पड़ गई। सूत्रों की मानें तो इस घटना के बाद डॉ. अमित सिंह समेत समस्त स्टॉफ चिकित्सालय से गायब हो गया और चिकित्सालय में ताला लगा है।

पीड़ित परिवार ने जिलाधिकारी से मामले की निष्पक्ष जांच कर अस्पताल प्रबंधन, चिकित्सक और संबंधित स्टाफ के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल समाचार लिखे जाने तक चिकित्सालय प्रबंधन से कोई संपर्क नही हो सका।

Vikas Varta
Author: Vikas Varta

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