
विभागीय अधिकारियों के संरक्षण से विद्युत विभाग को हो रही राजस्व की हानि

रायबरेली।
सरकार जहां एक ओर भ्रष्टाचार रोकने के लिए अनेक कदम उठा रही है वहीं दूसरी ओर विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से सरकार को करोड़ों रुपए का चूना लगाया जा रहा है। ज्ञात हो कि जनपद में बड़े बड़े विद्युत उपभोक्ताओं पर करोड़ों रुपए का बिल बकाया है किन्तु जब वसूली और जांच की बात होती है तो मात्र छोटे उपभोक्ताओं पर कार्यवाही कर इतिश्री कर ली जाती है। सरकार ने बकाएदारों पर उचित कार्यवाही करते हुए बिल न जमा होने की स्थिति में कनेक्शन काटने की कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं किन्तु यह सारी कार्यवाही छोटे बकाएदारों तक ही सिमट कर रह जाती है।
विभागीय कर्मचारियों की मिली भगत से बड़े-बड़े व्यवसायिक कारखानो में लाखों रुपए की धनराशि बकाया है किंतु यह बड़े बकायदार अधिकारियों से साठगांठ करके कनेक्शन चलाते रहते हैं। कई स्थानों पर कटिया जैसी व्यवस्था के माध्यम से विद्युत चोरी भी होती रहती है जिससे समय पर बिल जमा करने वाले उपभोक्ताओं को उचित विद्युत आपूर्ति नहीं मिल पाती।
हमारे संवाददाता द्वारा इस मामले में जब अधिशासी अभियंताओं से मिलकर बड़े बकाएदारों की जानकारी मांगी गई तो अधिकारियों द्वारा बाद में देने की बात कह कर लगभग 15 दिन से टालमटोल की जा रही है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि अधिकारियों द्वारा किस तरह से बड़े बकाएदारों को संरक्षण दिया जा रहा है।
Author: Vikas Srivastava










