
विधि विशेषज्ञ डॉ. ए.पी. सिंह बने राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद के राष्ट्रीय संरक्षक
संगठन में भरा नया उत्साह

नई दिल्ली।
संपूर्ण भारतवर्ष में पत्रकारों की सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा हेतु अग्रणी राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता, सुप्रीम कोर्ट और भारत सरकार के प्रतिष्ठित विधि विशेषज्ञ डॉ. ए.पी. सिंह को संगठन का राष्ट्रीय संरक्षक मनोनीत किया है। शीर्ष नेतृत्व के इस निर्णय से पूरे संगठन में हर्ष और उत्साह की लहर दौड़ गई।
बताते चलें कि डॉ. ए.पी. सिंह किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। उन्होंने अपने अद्वितीय कानूनी ज्ञान, निष्पक्षता और सामाजिक सरोकारों के लिए एक अलग पहचान बनाई है। विशेष रूप से पत्रकारिता जगत के हित में उनके द्वारा पूर्व में उठाए गए ठोस कदम उल्लेखनीय रहे हैं। उन्होंने पत्रकारों पर लगे झूठे एवं निराधार मुकदमों को गंभीरता से लेते हुए तत्कालीन पुलिस महानिदेशक से विशेष आदेश पारित करवा कर उन मुकदमों को खत्म कराया था। यह कदम पत्रकारों के लिए न केवल राहतकारी रहा, बल्कि उनकी लड़ाई को कानूनी मजबूती भी प्रदान की।
राष्ट्रीय अध्यक्ष देवेंद्र कुमार मिश्रा ने डॉ. सिंह के समर्पण और कार्यों को देखते हुए उन्हें संगठन की सर्वोच्च संरक्षक का दायित्व सौंपा है। मनोनयन के बाद डॉ. ए.पी. सिंह ने अध्यक्ष महोदय का आभार व्यक्त करते हुए कहा,“मैं हमेशा पत्रकारों के हक की लड़ाई लड़ता आया हूं और आगे भी लड़ता रहूंगा। पत्रकार लोकतंत्र का चौथा स्तंभ हैं, लेकिन आज वे कई खतरों और चुनौतियों से घिरे हुए हैं। सरकार से आग्रह करूंगा कि वह पत्रकार सुरक्षा कानून को जल्द से जल्द पारित करे, ताकि देश के सभी पत्रकार सुरक्षित महसूस कर सकें।”
डॉ. सिंह का यह कथन न केवल उनके संकल्प को दर्शाता है, बल्कि यह भी स्पष्ट करता है कि पत्रकारों के अधिकारों की रक्षा के लिए अब एक मजबूत और कानूनी आवाज़ उनके साथ खड़ी है। उनके मनोनयन से परिषद में नई ऊर्जा का संचार हुआ है। देशभर के पत्रकारों और संगठन के सदस्यों ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए डॉ. सिंह को बधाई दी है और उम्मीद जताई है कि उनके मार्गदर्शन में संगठन पत्रकारों की आवाज़ को और अधिक मजबूती से उठा सकेगा।
Author: Vikas Srivastava










