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कटनी हत्याकांड में आया नया मोड़, संदिग्ध आरोपी के पिता ने लगाई फांसी

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कटनी हत्याकांड में आया नया मोड़, संदिग्ध आरोपी के पिता ने लगाई फांसी

मां ने जहर खाकर किया आत्महत्या का प्रयास

परिवार में सनसनीखेज त्रासदी से पुलिस जांच में बढ़ी उलझन

 

कटनी।

मध्य प्रदेश के कटनी जिले के कैमोर नगर में मंगलवार सुबह हुई बजरंग दल के पूर्व गौ सेवा प्रमुख नीलेश रजक की गोली मारकर हत्या की घटना ने अब और भी रहस्यमयी रूप ले लिया है। पुलिस द्वारा संदिग्ध आरोपी बनाए गए युवक प्रिंस के परिवार में लगातार हो रही त्रासद घटनाओं ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। प्रिंस के पिता जोसिफ ने दहशत और मानसिक तनाव में आकर फांसी लगा ली, जबकि सदमे में आई उनकी पत्नी (प्रिंस की मां) ने जहरीला पदार्थ खा लिया। परिजनों ने महिलाओं को तत्काल कैमोर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां डॉक्टर ने उनकी हालत गंभीर बताई है। एक ही परिवार पर टूट पड़ी यह विपत्ति न केवल हत्याकांड की जांच को जटिल बना रही है, बल्कि सामाजिक-राजनीतिक हलकों में सवालों का दौर भी तेज कर रही है।

दिनदहाड़े हत्या से शुरू हुई सनसनी, संदिग्ध प्रिंस पर शिकंजा

सुबह करीब 11:30 बजे बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा के ठीक सामने दो नकाबपोश हमलावरों ने बजरंग दल के पूर्व गौ सेवा प्रमुख और बीजेपी पिछड़ा वर्ग मंडल अध्यक्ष नीलेश उर्फ नीलू रजक (35) को गोली मार दी थी। बाइक पर सवार नीलेश एसीसी गेस्ट हाउस के पास से गुजर रहे थे, जब पीछे से फायरिंग हुई। गोली उनके सिर और छाती में लगी, और वे मौके पर ही गिर पड़े। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमलावरों ने चेहरे ढक रखे थे और बाइक पर फरार हो गए। सीसीटीवी फुटेज में हमलावरों की बाइक का नंबर कैद होने से पुलिस ने तत्काल नाकेबंदी की। घायल नीलेश को विजयराघवगढ़ के शासकीय अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि मौत गोली लगने से तत्काल हुई। पुलिस ने प्रारंभिक जांच में पुरानी रंजिश या गौ रक्षा से जुड़े विवाद की आशंका जताई। नीलेश सामाजिक कार्यों में सक्रिय थे, वे अवैध गौ तस्करी के खिलाफ अभियान चलाते थे और पिछड़े वर्गों के उत्थान के लिए बीजेपी से जुड़े हुए थे। उनकी हत्या से बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद और बीजेपी कार्यकर्ताओं में आक्रोश फैल गया। कैमोर में बाजार बंद हो गए, विरोध प्रदर्शन हुए और थाने का घेराव तक हो गया।

संदिग्ध प्रिंस की गिरफ्तारी से परिवार पर टूटा कहर

मंगलवार दोपहर पुलिस ने हत्याकांड के मुख्य संदिग्ध के रूप में प्रिंस (उम्र 22 वर्ष) को हिरासत में लिया। प्रिंस कैमोर का ही निवासी है और स्थानीय स्तर पर छोटे-मोटे विवादों में नाम आ चुका है। सूत्रों के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के बयानों से प्रिंस पर हमलावरों में से एक होने का शक गहराया। पुलिस का दावा है कि प्रिंस की नकाबपोश तस्वीर फुटेज से मैच करती है, और उसकी बाइक नंबर भी संदिग्ध है। प्रिंस के परिजनों ने गिरफ्तारी का विरोध किया, लेकिन पुलिस ने सख्ती से कार्यवाही की।

इसी बीच, शाम होते-होते परिवार में विकराल त्रासदी घटी। प्रिंस के पिता जोसिफ (50), जो एक छोटे से दुकानदार थे, ने घर में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों के मुताबिक, बेटे की गिरफ्तारी की खबर सुनते ही जोसिफ मानसिक रूप से टूट गए। वे दहशत में थे कि परिवार की इज्जत मिट्टी में मिल जाएगी। “पुलिस का दबाव और समाज का ताना-बाना बर्दाश्त नहीं हुआ,”एक रिश्तेदार ने बताया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया और सुसाइड नोट की तलाश शुरू की, लेकिन अभी तक कुछ नहीं मिला।

जोसिफ की पत्नी (प्रिंस की मां, नाम अज्ञात, उम्र 45) इस सदमे को सहन न कर पाईं और घर में रखे जहर को निगल लिया। चीख-पुकार मचने पर पड़ोसी पहुंचे और उन्हें तुरंत अस्पताल ले गए। डॉक्टरों ने बताया कि विषाक्त पदार्थ के कारण उनकी किडनी और लीवर प्रभावित हो गए हैं, और वे वेंटिलेटर पर हैं। परिवार के अन्य सदस्यों—प्रिंस की बहन और चचेरे भाई—ने अस्पताल के बाहर ड्रामा किया, पुलिस पर दबाव डालने की कोशिश की। “यह सब झूठा फंसाया जा रहा है। प्रिंस निर्दोष है”,बहन ने रोते हुए कहा।

राजनीतिक बवाल और जांच में नया ट्विस्ट

इस घटनाक्रम ने राजनीतिक हलचल को और तेज कर दिया। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा ने मंगलवार शाम प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा,”नीलेश की हत्या असामाजिक तत्वों का कृत्य है। संदिग्धों को सजा मिलेगी, लेकिन निर्दोषों पर अत्याचार बर्दाश्त नहीं। पुलिस निष्पक्ष जांच करे।” उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से बात की और विशेष जांच टीम की मांग की। बजरंग दल ने कैमोर में धरना शुरू कर दिया, मांग की कि प्रिंस के परिवार को न्याय मिले, लेकिन हत्यारों को फांसी हो।

विपक्ष कांग्रेस ने सरकार पर निशाना साधा। “कटनी में कानून-व्यवस्था चरमरा गई। हत्या के बाद संदिग्ध परिवार का बर्बाद होना दुखद। क्या यह पुलिस का दबाव है या साजिश?” स्थानीय विधायक ने भी सदन में मामला उठाने की बात कही।

पुलिस के पास अब कई सवाल हैं: क्या प्रिंस अकेला आरोपी था या गैंग का हिस्सा? जोसिफ की सुसाइड में कोई बाहरी दबाव तो नहीं? फॉरेंसिक टीम घटनास्थल से गोलियों के खोखे और प्रिंस के घर से साक्ष्य बरामद कर रही है। एसपी कटनी ने कहा, “जांच तेज है। प्रिंस से पूछताछ चल रही है, और परिवार की घटनाओं को भी एंगल से देखा जा रहा। शांति बनाए रखें।” डीआईजी जबलपुर रेंज ने इलाके में भारी फोर्स तैनात की है, ताकि तनाव न फैले।

समाज में डर का साया, सवालों का सिलसिला

कैमोर नगर में मंगलवार रात तक सन्नाटा छाया रहा। लोग घरों में कैद हैं, बाजार ठप। नीलेश के परिवार में शोक है—उनकी पत्नी और दो बच्चे सदमे में। प्रिंस के परिवार की त्रासदी ने ईसाई समुदाय (जोसिफ का नाम से संकेत) में भय पैदा कर दिया। एक स्थानीय ने कहा, “एक हत्या ने दो परिवार बर्बाद कर दिए। यह रंजिश का चक्र कब रुकेगा?”

यह घटना मध्य प्रदेश में बढ़ते अपराध और सामाजिक तनाव को उजागर करती है। क्या प्रिंस निर्दोष है या हत्यारा? जांच के अगले मोड़ पर सबकी नजरें टिकी हैं। कटनी प्रशासन ने शांति अपील जारी की है, लेकिन आक्रोश ठंडा होने का नाम नहीं ले रहा।

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