
सर्राफा व्यवसाई के पुत्र की हत्या का हुआ खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार

रायबरेली।
ऊंचाहार थाना क्षेत्रान्तर्गत दिनांक 18 अक्टूबर 2024 को सर्राफा व्यवसायी के पुत्र की हत्या के मामले में पुलिस ने दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है।
ज्ञात हो कि बीती 19 अक्टूबर 2024 को सर्राफा व्यवसाई के पुत्र की लाश प्रतापगढ़ सीमा क्षेत्र के पास झाड़ियों में मिली थी। जिसकी सूचना मिलते ही अपर पुलिस अधीक्षक, क्षेत्राधिकारी डलमऊ द्वारा मय पुलिस टीम फील्ड यूनिट के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया गया था तथा शव को कब्जे में लेकर विधिक कार्यवाही करते हुए पोस्टमार्टम हेतु भेजा गया था।
अपर पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार सिन्हा ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि अभियुक्त धर्मेन्द्र सरोज की पत्नी तीन चार महीने पहले बीमार हो गयी थी जिसका इलाज करवाने के लिए उसने अपनी पत्नी के गहने मृतक कौशल उर्फ शोभित की दुकान पर गिरवी रखकर पैसे ले गया था। दिनांक 17 अक्टूबर 2024 को धर्मेन्द्र, मृतक कौशल उर्फ शोभित से जेवर के संबध में जानकारी करने उसकी दुकान पर गया वह अपने गहनों को वापस लेना चाह रहा था। धर्मेन्द्र के पास पैसे नही थे तो गहनों को वापस लेने के लिए कौशल उर्फ शोभित का अपहरण करके हत्या करने की सोची। इस काम को करने के लिए धर्मेन्द्र ने अपने साथी गुलाब को पैसे का लालच दिया और वह मान गया। बीती 18 अक्टूबर को सुबह लगभग 11.00 बजे धर्मेन्द्र शोभित की दुकान पर गया और उसे अकोढ़िया गांव में ज्वैलरी का बडा आर्डर दिलाने की बात की जिस पर शोभित जाने को तैयार हो गया। धर्मेन्द्र शोभित को उसकी ही मोटरसाइकिल पर बिठाकर अकोढ़िया रोड पर सरपतहा पुल के दाहिनी ओर पुल की पट्टी के पास सुनसान जगह पर ले गया जहां गुलाब पहले से ही मौजूद था। दोनो ने मिलकर धारदार चाकू से शोभित की हत्या कर दी तथा उसके शव को झाड़ियो में फेंक दिया और कपड़े बदलकर गुलाब वहां से चला गया तथा धर्मेन्द्र ने शोभित की मोटरसाइकिल लेकर उसकी दुकान पर खड़ी की तथा दुकान में अंदर चला गया। परजिनों ने जब धर्मेन्द्र को अंदर दुकान में देखा और शोभित नहीं दिखायी दिया तो उन्हें शंका हुई। जिसके बाद सीसीटीवी फुटेज के आधार पर परिजनों द्वारा धर्मेन्द्र के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत कराया गया था। पुलिस द्वारा 19 अक्टूबर को धर्मेन्द्र सरोज तथा उसके साथी गुलाब सरोज को गिरफ्तार कर लिया गया।
Author: Vikas Srivastava










