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बीती रात हुए गोलीकांड की निष्पक्ष जांच हेतु एसपी को सौंपा प्रार्थना पत्र 

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बीती रात हुए गोलीकांड की निष्पक्ष जांच हेतु एसपी को सौंपा प्रार्थना पत्र 

 

रायबरेली।

बीती रात भदोखर थाना क्षेत्र अंतर्गत हुए एक गोलीकाण्ड की घटना जहां कानून व्यवस्था की पोल खोल दी वहीं दूसरी ओर इस मामले में नया मोड़ तब आ गया जब इस घटना में घायल व्यक्ति दी गई तहरीर के विरोध में घटना के आरोपियों के परिजनों द्वारा उक्त आरोपों को निराधार बताते हुए घटना को एक षड्यंत्र बताया गया।

थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम रंजीतपुर लोनारी निवासी सुषमा पत्नी रमेश ने अपने गांव के रहने वाले दिनेश कुमार पुत्र स्व० रामलखन पर षड्यंत्र का आरोप लगाते हुए बताया कि कल रात लगभग 3 बजे दिनेश कुमार ने एक षड्यंत्र के अंतर्गत अपने ही ऊपर अपने ही आदमियों से अवैध असलहे से गोली काण्ड कराकर फर्जी तरीके से मेरे पति रमेश कुमार पुत्र स्व० रामऔतार, देवर शत्रोहन पुत्र रामऔतार तथा गांव के ही रोहितपाल पुत्र शिवहर्ष, भारतलाल पुत्र रामसनेही, कुलदीप पुत्र रामबिहारी को थाना भदोखर की पुलिस द्वारा गिरफ्तार करा दिया है जबकि मेरे पति रमेश कुमार जगतपुर में सफाईकर्मी हैं और देवर शत्रोहनलाल इण्टर कालेज मे प्रवक्ता है जो पूर्व में ग्राम पंचायत रोजगार सेवक के पद पर ग्रामसभा साडबरा, रंजीतपुर लोनारी व भनवे का कार्य देखते थे। रोहित की माता देशपति ग्राम पंचायत सदस्य, भारतलाल ग्राम पंचायत सदस्य तथा कुलदीप के पिता रामबिहारी ग्राम पंचायत सदस्य है। विपक्षियों ने ग्रामसभा में भूमि कृषि/आवास आंवटन के नाम पर रामसुनेर पासी, शंकर लोध, गुरुप्रसाद लोध, रूपरानी पासी आदि पचास लोगों से अवैध धन की वसूली की है जिसमें रामसुमेर ने विपक्षी के विरूद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट के लिए थाना भदोखर मे शिकायत की थी तथा इसके पूर्व विपक्षी ने अपनी ही भाभी ललिता पत्नी जितेन्द्र कुमार से शत्रोहन, महेश, बाबूलाल के विरूद्ध सामूहिक बलात्कार का प्रार्थनापत्र विगत 11 फरवरी 2023 को दिलवाकर फर्जी तरीके से उपरोक्त लोगों को फंसाने प्रयास किया था जिसमें असत्य घटना होने के कारण ग्रामवासियों द्वारा थाने पर विरोध किया गया था जिस पर थाना पुलिस ने कोई कार्यवाही नही की थी। उक्त शिकायत की छायाप्रति मेरे पास है।

सुषमा ने बताया कि विपक्षी द्वारा आवंटन के नाम पर वसूली किये गये धन को ग्रामवासियों द्वारा वापसी की मांग की गयी और ग्रामसभा के निर्वाचित सदस्यों द्वारा ग्रामसभा की बैठक में आने से इंकार कर दिया तो प्रतिपक्षी ने अपनी ग्रामसभा के सदस्यों को धमकाया। जब ग्रामसभा के सदस्य उनके धमकाने से नही डरे तो विपक्षी ने ग्रामवासियों से वसूली गयी धनराशि वापस करने से बचने के लिए एक षड्यंत्र के तहत अपने को बचाने व विरोधियों को फंसाने की नीयत से अपने साथियों द्वारा गोलीकांड की घटना कारित करायी गयी है।

उक्त प्रकरण में सुषमा पत्नी रमेश ने गोली काण्ड की निष्पक्ष जांच जिला स्तर के उच्च पुलिस अधिकारी से कराकर विधिक कार्यवाही करते हुए र्निदोष व्यक्तियों को पुलिस हिरासत से मुक्त कराये जाने व अपनी तथा परिवार की जानमाल की सुरक्षा हेतु घर पर सुरक्षा बल प्रदान करने के लिए पुलिस अधीक्षक से मांग की।

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