
वित्त विहिन शिक्षकों को मानदेय दे सरकार -शिक्षक एमएलसी
नेता प्रतिपक्ष ने विद्यालयों का भ्रमण कर जाना शिक्षकों का हाल

बी एन यादव
करमा, सोनभद्र।
स्थानीय ब्लॉक के कस्बा स्थित बाबा बिहारी इंटर कालेज भरकवाह सहित दर्जन भर विद्यालयों में नेता प्रतिपक्ष एवं वाराणसी शिक्षक खंड से एमएलसी लाल बिहारी यादव ने वित्तविहीन शिक्षकों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को सुना और उनके निराकरण का आश्वासन दिया। श्री यादव ने कहा की वित्त विहीन विद्यालय के शिक्षक अभी भी कम वेतन पर पूरे दिन शिक्षण कार्य के लिए विवश है। शिक्षक किसी तरह सुदूर इलाकों में जाकर बच्चों को पढ़ा रहे हैं, इसके बावजूद सरकार शिक्षकों को सम्मानजनक मानदेय और पुरानी पेंशन बहाल नहीं कर रही है। उन्होंने कहा की नई शिक्षा नीति के तहत माध्यमिक शिक्षा परिषद से 52 विश्वा जमीन और 11 लाख रुपए में विद्यालय की मान्यता मिल रही है जो कि पहले विद्यालय खोलने में 17 बिस्वा जमीन और 38000 में हाई स्कूल की मान्यता मिल जाती थी।आरोप लगाते हुए शिक्षक एमएलसी ने कहा कि सरकार राजकीय और छोटे निजी विद्यालयों को बंद कर पूंजीपतियों के हाथ में विद्यालयों को सौंप देना चाहती है। शिक्षा सुरक्षा और चिकित्सा सरकार की प्राथमिकता में होती है लेकिन मौजूदा सरकार सभी क्षेत्रों में फेल है। शिक्षकों की समस्याओं और विद्यालयों की स्थितियों को सदन में प्रमुखता से उठाया जाएगा। समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित सभी विद्यालयों में रिक्त पदों को भरने हेतु सदन में मुद्दा उठाने की बात कही। उन्होंने कहा कि ऐसे विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था चरमरा रही है। शिक्षकों की नियुक्ति होने पर ही पूर्व की भांति शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाया जा सकता है।
इस दौरान सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष संजय यादव, सपा उपाध्यक्ष लोकपति पटेल, प्रबोध कुमार सिंह, के पी मौर्य, वीरेंद्र यादव, विद्यालय के प्रबन्धक बी एन यादव, प्रधानाचार्य अनरुध प्रसाद,भीम सिंह यादव, जयप्रकाश मौर्य, आशीष यादव, जग नरायन,ज्ञान प्रकाश शर्मा, विलियम प्रेम पाल, पूनम मौर्या, बृजमा शुक्ला, किरन पाण्डेय, सुबास यादव, मैनेजर यादव आदि मौजूद रहे।
Author: Vikas Srivastava










