
गुरुकृपा के बिना कुछ भी पाना संभव नहीं है :मुकेश आनंद
रामकथा व भण्डारा का हुआ समापन

पवन श्रीवास्तव
नसीराबाद, रायबरेली।

छतोह ब्लॉक के त्यागी बाबा लांगुरिया धाम आलमपुर में चल रही कथा के अंतिम दिन कथाव्यास मुकेश आनंद जी ने श्री गणेश जी, मां सरस्वती, हनुमान जी और भगवान श्रीराम चन्द्रजी सहित गुरुदेव की वंदना करके श्रीराम कथा में बताया कि किस तरह से गोस्वामी तुलसीदास जी ने राम चरित मानस में बार-बार गुरु वंदना की है। गुरुकृपा के बिना कुछ भी पाना संभव नहीं है। कथा व्यास द्वारा अयोध्या काण्ड में महाराज दशरथ द्वारा बुढ़ापे के कारण राजत्याग की इच्छा व्यक्त करने, मंथरा की करतूत, कैकेई कोप, राजा दशरथ द्वारा वचन पालन की मजबूरी, उनके विलाप तथा प्राण त्याग और रामवनवास की मार्मिक कथा सुनाए जाने पर श्रद्धालु भाव विभोर हो गए। भरत चरित्र, सीता हरण, लंका विजय, अयोध्या वापस आकर राज सिंहासन पर विराजमान होने जैसे श्रीराम कथा के अनेक प्रसंगों के साथ श्री राम कथा का विश्राम हुआ। कथा विश्राम के बाद आयोजित भंडारे में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
Author: Vikas Srivastava










