Search
Close this search box.

एम्स प्रशासन की बड़ी लापरवाही, जांच के लिए मिली पंद्रह महीने बाद की तारीख 

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

एम्स प्रशासन की बड़ी लापरवाही

जांच के लिए मिली पंद्रह महीने बाद की तारीख 

 

रायबरेली।

देश में जहां सरकार एक ओर चिकित्सा के क्षेत्र में नए-नए आयाम स्थापित करने के लिए प्रयासरत है वहीं दूसरी ओर देश के सबसे बड़े चिकित्सा संस्थान अखिल भारतीय आयुर्वेदिक संस्थान की रायबरेली शाखा अपनी कार्यशैली के चलते आए दिन समाचारों की सुर्खियों में बनी रहती हैं, लेकिन एम्स प्रशासन को उजागर होती इन सुर्खियों से कोई फर्क नहीं पड़ता कदाचित इसीलिए दिन प्रतिदिन नए-नए कारनामें प्रकाश में आते रहते हैं। ऐसा ही एक और मामला सामने आया जिसमें एम्स प्रशासन की बड़ी लापरवाही दिखाई दी। जिसमें एम्स में दिखाने आए मरीज़ को अल्ट्रासाउंड के लिए 15 महीने बाद की तारीख दी गई। इतना ही नहीं जब मरीज ने अपनी व्यथा बताते हुए एम्स प्रशासन से जल्दी करने की गुहार की तो उसे निजी अल्ट्रासाउंड केंद्र के नाम भी बताए गए। जिसको लेकर पीड़ित मरीज ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर शिकायत दर्ज कराई और उचित कार्यवाही की मांग की।

जनपद के महराजगंज कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत पिंडारी खुर्द गांव के निवासी भीष्म नारायण सिंह (३३) पुत्र जंग बहादुर सिंह ने बताया कि मेरे पेट में दर्द रहता है जिसका इलाज कराने के लिए मैं एम्स गया था। दो घंटे प्रतीक्षा करने के बाद जब मेरा नंबर आया तो डॉक्टर ने मुझे अल्ट्रासाउंड कराने के लिए कहा। अल्ट्रासाउंड के लिए जब मैं डेट लेने गया तो वहां मुझे डेढ़ साल बाद की तारीख बताई गई जिस पर मैंने आपत्ति जताई लेकिन वहां उपस्थित कर्मचारियों द्वारा उस पर मोहर लगाकर 6 मई 2026 की डेट दे दी गई। मुझे लगा कि शायद ऐसा ही होता हो मैं अल्ट्रासाउंड करवाने हेतु पहुंचा तो उन्होंने बताया कि इस पर 6 मई 2026 सुबह 9:00 बजे का समय दिया गया है आपको इस समय आना है। इसके बाद में संबंधित डॉक्टर के पास गया और इसकी जानकारी दी और जल्दी तारीख जांच करने की बात कही तो उन्होंने मुझे बाहर से कराने को कहा और गार्ड ने मुझे कुछ निजी केंद्र के नाम भी बताए। उक्त घटना से लाचार युवक ने जिलाधिकारी से न्याय की गुहार लगाई और एम्स प्रशासन पर उचित कार्यवाही करने की मांग की। 

इस संबंध में एम्स रायबरेली के पीआरओ डॉ नीरज श्रीवास्तव ने बताया कि अस्पताल में बड़ी संख्या में मरीज आते हैं, भर्ती तथा इमरजेंसी भी लगी रहती है एक डॉक्टर आखिर कितना काम करेगा? आप लोग यह भी तो समझिए। हमारे यहां स्टाफ की कमी है और किसी को मना भी नहीं कर सकते जिसके चलते वेटिंग लंबी हो जाती है। हालांकि डॉक्टर साहब का कहना भी उचित है किंतु इस समय अवधि में किसी मरीज के साथ कोई समस्या होती है तो आखिर इसका उत्तरदायी कौन होगा?

Leave a Comment

और पढ़ें