
योगी राज में दबंगों, अपराधियों व पुलिस गठजोड़ का मनोबल सातवें आसमान पर: विजय विद्रोही

रायबरेली।
प्रयागराज के करछना क्षेत्र के इसौटा में दलितों आदिवासियों पर किए गए हमले और दलित आदिवासी नौजवानों को गंभीर आपराधिक मामलों में जेल भेजने के विरुद्ध भाकपा (माले) के राज्यव्यापी आह्वान पर कार्यकर्ताओं ने जूलूस निकालकर जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन कर सभा का आयोजन किया।
भाकपा (माले) की राज्य स्थाई समिति के सदस्य विजय विद्रोही ने अपने संबोधन में कहा कि विगत अप्रैल में एक दलित नौजवान को दबंगों ने जलाकर मार दिया था। मृतक नौजवान के परिजनों से मिलने 29 जून को सांसद चंद्रशेखर प्रयागराज पहुंचे तो उन्हें हिरासत में ले लिया गया। इस घटना के विरोध में प्रदर्शन कर रहे लोगों पर दबंगों ने हमला कर दिया और बड़े पैमाने पर आगजनी की। दबंगों पर कार्यवाही की बजाय पुलिस ने दलित आदिवासी नौजवानों को ही गंभीर धाराओं में जेल भेज दिया।
उन्होंने कहा कि योगी सरकार में सामंती ताकतों और दबंगों का मनोबल सातवें आसमान पर है और इन्हें सरकार और पुलिस प्रशासन का खुला समर्थन मिला हुआ है। पूरे प्रदेश में दबंगों अपराधियों और पुलिस प्रशासन का गठजोड़ दलितों, आदिवासियों, अल्पसंख्यकों व महिलाओं पर कहर बनकर टूट पड़ा है। करछना प्रयागराज की घटना उसी की एक कड़ी है।माले नेता ने कहा कि दलितों आदिवासियों पर पर हमला करने वाले दबंगों पर कार्यवाही एवं जेल में बंद निर्दोष दलित आदिवासी नौजवानों को रिहा नहीं किया गया तो पार्टी प्रदेश स्तर पर बड़े आंदोलन में उतरेगी।
मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन के जरिए घटना की उच्चस्तरीय न्यायिक जांच कराने, जेल में बंद निर्दोष दलित आदिवासी नौजवानों पर लगे फर्जी मुकदमे खत्म करने, घटना के लिए जिम्मेदार दबंगों व पुलिस कर्मियों के विरुद्ध कार्यवाही करने, मृतक दलित नौजवान देवीशंकर के परिजनों को मुआवजा, जमीन व परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने, प्रदेश में दलितों आदिवासियों, अल्पसंख्यकों व महिलाओं पर हो रहे हमलों पर रोक लगाने सहित कई अन्य मांगें की गईं।
उक्त कार्यक्रम में जिला कमेटी सदस्य फूल चंद्र मौर्या, रामेश्वर प्रधान, अरुण कुमार, हनुमान अम्बेडकर, राजेश कुमार , हरिलाल, रामधनी, गुलाम अहमद सिद्दीकी, रामा देवी, उमानाथ, जागेश्वर पाल सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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Author: Vikas Srivastava










