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होम्योपैथी अस्पताल बंद, पार्षद ने शासकीय भवन पर किया कब्जा

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होम्योपैथी अस्पताल बंद

पार्षद ने शासकीय भवन पर किया कब्जा

 

हरि शंकर पाराशर 

कटनी।

नगर निगम कटनी की कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। शहर के बस स्टैंड परिसर में वर्षों से संचालित होम्योपैथी अस्पताल को अचानक बंद कर दिया गया है, जहां प्रतिदिन दर्जनों मरीज उपचार के लिए पहुंचते थे। डॉ. दीपक अग्निहोत्री के मार्गदर्शन में संचालित इस अस्पताल के बंद होने के बाद इसके भवन पर इंदिरा गांधी वार्ड क्रमांक-4 के पार्षद ओमप्रकाश सोनी (बल्ली) ने बिना किसी आधिकारिक आवंटन के अपना कार्यालय बना लिया। इतना ही नहीं, उसी भवन में दीन दयाल रसोई का संचालन भी शुरू कर दिया गया है, जो एक निजी एजेंसी द्वारा संचालित है। इस रसोई के लिए सरकार प्रति थाली राशि और अनाज उपलब्ध कराती है, साथ ही प्रथम बार बर्तन सहित समस्त सामग्री भी मुहैया कराई गई है।

नगर निगम के शासकीय भवन पर पार्षद द्वारा बिना अनुमति कार्यालय स्थापित करना और उस पर ‘वार्ड कार्यालय’ लिखवाना अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की मिलीभगत को उजागर करता है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि नगर निगम की मनमानी के चलते शहरवासी सस्ती और सुलभ होम्योपैथी चिकित्सा से वंचित हो रहे हैं।

मात्र एक होम्योपैथी अस्पताल शेष

शहर में पहले बस स्टैंड परिसर सहित कई स्थानों पर होम्योपैथी अस्पताल संचालित थे, लेकिन अब केवल पाठक वार्ड में एकमात्र होम्योपैथी अस्पताल बचा है। नागरिकों का कहना है कि नगर निगम की लापरवाही के कारण आम लोग किफायती चिकित्सा सुविधाओं से महरूम हो रहे हैं।

इस मामले में नगर निगम आयुक्त नीलेश दुबे ने कहा,”उक्त भवन का आवंटन नियमों के अनुसार किया गया है। इसे वार्ड कार्यालय या पार्षद कार्यालय के लिए आवंटित नहीं किया गया है। इस संबंध में जांच कराई जाएगी और मंगलवार को इस बारे में पत्र भी जारी किया जाएगा।” इंदिरा गांधी वार्ड क्रमांक-4 के पार्षद ओमप्रकाश सोनी (बल्ली) ने स्पष्ट किया,”यह पार्षद कार्यालय नहीं, बल्कि क्षेत्र की जनता के लिए बनाया गया कार्यालय है। वार्ड में भवन उपलब्ध होने के कारण इसका नाम लिखवाया गया। यदि लोगों को आपत्ति है, तो इसे हटा दिया जाएगा।”

उक्त प्रकरण को लेकर स्थानीय लोगों का कहना है कि शासकीय भवन का दुरुपयोग और होम्योपैथी अस्पताल का बंद होना नगर निगम की गैर-जिम्मेदाराना कार्यप्रणाली को दर्शाता है। नागरिकों ने मांग की है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों के खिलाफ कार्यवाही की जाए।

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