
राजीव गांधी राष्ट्रीय विमानन विश्वविद्यालय द्वारा किया गया दीक्षांत समारोह एवं अंतर्राष्ट्रीय नागर विमानन दिवस का सफल आयोजन

फुरसतगंज/रायबरेली।
राजीव गांधी राष्ट्रीय विमानन विश्वविद्यालय (आरजीएनएयू) द्वारा संस्थान परिसर में द्वितीय दीक्षांत समारोह एवं अंतर्राष्ट्रीय नागर विमानन दिवस का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापू राममोहन नायडू ने वर्चुअल उपस्थिति दी तथा विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद एवं शैक्षणिक परिषद के सदस्य, विशिष्ट अतिथि, उद्योग विशेषज्ञ, संकाय सदस्य तथा विद्यार्थी सम्मिलित हुए।
मुख्य अतिथि ने अपने आभासी संबोधन में कहा कि विमानन क्षेत्र का भविष्य भारत केंद्रित है तथा इस दिशा में आरजीएनएयू अग्रणी भूमिका निभाएगा। उन्होंने उपाधि एवं पदक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को हार्दिक बधाई देते हुए विश्वविद्यालय के आगामी उद्योगोन्मुख एवं नवाचारी शैक्षणिक कार्यक्रमों जैसे ड्रोन इंजीनियरिंग में बी.टेक/एम.टेक और एविएशन फाइनेंस में एमबीए की प्रशंसा की।
समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित आईआईटी (बीएचयू) वाराणसी के निदेशक प्रो. अमित पत्रा ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि विनम्रता के साथ सीखें, साहस के साथ नवाचार करें और ईमानदारी के साथ नेतृत्व करें। आप जिस विमानन क्षेत्र में प्रवेश कर रहे हैं वह निरंतर विस्तारशील और अत्यंत प्रभावशाली है। आपकी उपलब्धियाँ इस संस्थान की प्रतिष्ठा को नई ऊँचाइयों तक ले जाएँ। इस अवसर पर देशभर से आए 43 बीएमएस और 16 पीजीडीएओ समेत कुल 59 छात्रों को उपाधियाँ प्रदान की गईं। साथ ही शैक्षणिक उत्कृष्टता हेतु 6 छात्रों को पदक प्रदान किए गए।
कुलपति प्रो. भृगु नाथ सिंह ने कहा कि यह दीक्षांत समारोह हमारे विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों के साथ-साथ विमानन क्षेत्र के लिए दक्ष मानव संसाधन तैयार करने में विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। हमें भारत एवं विश्व के विमानन भविष्य में सार्थक योगदान करने पर गर्व है। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि आरजीएनएयू वर्तमान में भारतीय विमानन उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप बी.टेक एयरोस्पेस इंजीनियरिंग, बी.टेक इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग (एवियोनिक्स), बैचलर ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज़ (एविएशन सर्विसेज एवं एयर कार्गो), बैचलर ऑफ बिज़नेस एडमिनिस्ट्रेशन (एविएशन मैनेजमेंट), पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन एयरपोर्ट ऑपरेशंस, बेसिक फायर फाइटर्स कोर्स जैसे उद्योगोन्मुखी कार्यक्रम संचालित कर रहा है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय ने इस अवसर पर आईआईटी (बीएचयू) वाराणसी के साथ एक महत्वपूर्ण एमओयू पर भी हस्ताक्षर किए, जिसके माध्यम से विमानन एवं एयरोस्पेस क्षेत्रों में अनुसंधान, नवाचार एवं कौशल विकास को बढ़ावा मिलेगा।
Author: Vikas Srivastava










