
सौ दिन मे देखे गए 3500 मरीज
आयुर्वेद की पंचगव्य चिकित्सा रही आधार

रायबरेली।
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान रायबरेली के आयुर्वेद विभाग (आयुष) ने एक और नया कीर्तिमान स्थापित करते हुए अपनी ओपीडी सेवा आरंभ होने के प्रथम आरंभिक 100 दिन पूर्ण होने तक साढ़े तीन हजार मरीजों को चिकित्सा परामर्श दिया है। एम्स के आयुष चिकित्साधिकारी डॉ एच के पारीक ने दावा करते हुए कहा कि आयुर्वेद की एकल ओपीडी स्तर पर प्रथम 100 दिनों मे इतनी तेजी से इतनी संख्या मे मरीजो को परामर्श देने वाला संभवत देश का प्रथम संस्थान बन गया है। गौरतलब है कि सभी शत प्रतिशत मरीजों को प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से आयुर्वेद की पंचगव्य चिकित्सा से उपचार परामर्श दिया गया है। ओपीडी मे सर्वाधिक चर्मरोग, पेट के रोग, साँस के रोगी, जोड़ों के दर्द, मधुमेह के रोगियों की संख्या सर्वाधिक रही। इसके अतिरिक्त कैंसर, लीवर सिरोसिस, किडनी रोग, ऑटो इम्यून हीमोलाइटिक एनिमिया, टी. बी., कुष्ठ, फायलेरिया, थायराइड तथा हृदय रोग के मरीजों को भी सफल एवं उचित परामर्श दिया जा चुका है।
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नीरज श्रीवास्तव ने बताया कि निदेशक प्रो. अरविंद राजवंशी की दूरगामी सोच से यह संभव हो पा रहा है जहां एक छत के नीचे आयुर्वेदिक और ऐलोपैथिक दोनों का उच्च स्तरीय इलाज मरीजों को मिल पा रहा है।
Author: Vikas Srivastava










