
अतिरिक्त मजिस्ट्रेट आशुतोष राय के फैसलों की जांच करायी जाय :दीपक कुमार
कई ग्राम सभाओं की भूमि के मामले भू माफियाओं के दबाव में किये गये निर्णीय
अपर आयुक्त लखनऊ मण्डल के आदेशों का नहीं लेते संज्ञान
पत्रावलियों के फैसलों की तारीखें पक्षपात को करती उजागर
प्रधानमन्त्री, मुख्यमन्त्री, अध्यक्ष राजस्व परिषद व कमिश्नर को भेजी गयी शिकायत

रायबरेली।
शहर रायबरेली के इन्दिरा नगर निवासी एवं सेवानिवृत्त ज्वाइन्ट कमिश्नर राज्य कर दीपक कुमार ने देश के प्रधानमंत्री, मुख्यमन्त्री, अध्यक्ष राजस्व परिषद एवं कमिश्नर लखनऊ मण्डल को शिकायती पत्र भेजकर रायबरेली जनपद में सेवारत उपजिलाधिकारी/अतिरिक्त मजिस्ट्रेट द्वितीय आशुतोष राय द्वारा किये जा रहे मनमाने फैसलों पर उंगली उठाते हुए जांच की मांग की है। शिकायती प्रार्थना-पत्र में एक व्यक्तिगत मुकदमे का हवाला देते हुए आरोप लगाया है कि विभिन्न ग्राम सभाओं में स्थित भूूमि के विवादों में भू माफियाओं के दबाव में फैसले लिये जाते हैं। जिलाधिकारी सहित विभिन्न उच्चाधिकारियों को भेजे गये प्रार्थना-पत्र में लिखा गया है कि वाद संख्या टी-2012105803154 सीमा बनाम कमलेश रस्तोगी आदि न्यायालय उपजिलाधिकारी/अतिरिक्त मजिस्ट्रेट द्वितीय रायबरेली के यहाँ विचाराधीन था, उक्त वाद में बहस हेतु 07 अगस्त 2024 की तिथि नियत थी। दीपक कुमार ने बताया कि 07 अगस्त को मेरी पत्नी सीमा श्रीवास्तव की तरफ से एक प्रार्थना-पत्र उपजिलाधिकारी/अतिरिक्त मजिस्ट्रेट आशुतोष राय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जिसके साथ अपर आयुक्त लखनऊ मण्डल, लखनऊ के कार्यालय द्वारा जारी प्रश्नोत्तर को संलग्न कर यह प्रार्थना की गयी कि वाद की सुनवाई हेतु अपर आयुक्त लखनऊ मण्डल लखनऊ के यहाँ 23 सितम्बर 2024 की तिथि नियत होने के कारण वाद की सुनवाई स्थगित कर दी जाए। आशुतोष राय द्वारा प्रस्तुत प्रार्थना-पत्र का कोई संज्ञान न लेकर तथा प्रस्तुत प्रार्थना-पत्र का निराकरण किये बगैर विपक्षी अधिवक्ता की बहस को सुना गया। अपीलान्ट को बहस हेतु 09 अगस्त की तिथि नियत की गयी थी। उस दिन अधिवक्ता के बाहर होने के कारण 20 अगस्त को अधिवक्ता के माध्यम से लिखित बहस दाखिल की गयी। दीपक कुमार ने बताया कि 30 अगस्त को विपक्षीगणों द्वारा खुलेआम यह कहा जाने लगा कि उपरोक्त वाद में 22/23 अगस्त में आदेश होगा और मेरे पक्ष में होगा। तत्पश्चात सीमा श्रीवास्तव द्वारा एक प्रार्थना-पत्र दिया गया किन्तु कोई कार्यवाही न होने के कारण 31 अगस्त को भारत के प्रधानमन्त्री एवं मुख्यमन्त्री के शिकायती पोर्टल पर दर्ज करायी गयी एवं राजस्व परिषद लखनऊ को रजिस्ट्री की गयी।
दीपक कुमार ने बताया कि आशुतोष राय उपजिलाधिकारी/अतिरिक्त मजिस्ट्रेट द्वारा मनमाने ढंग से बैक डेटिंग करते हुए त्रुटिपूर्ण आदेश पारित किये जा रहे हैं, श्री राय द्वारा पारित समस्त आदेशों की जांच करायी जाय तो स्पष्ट हो जायेगा कि एक अधिवक्ता विशेष के पक्ष में जानबूझकर गलत एवं मनमाने ढंग से आदेश पारित किये जा रहे हैं। उपजिलाधिकारी श्री राय द्वारा कई ग्राम सभाओं की भूमियों के भी आदेश मनमाने ढंग से पारित किये गये हैं।
दीपक कुमार नेे शिकायती अधिकारी से एक श्रेणी ऊपर के अधिकारी से जांच कराये जाने की मांग करते हुए स्वयं को भी जांच कार्यवाही में शामिल किये जाने की मांग भारत देश के प्रधानमन्त्री, मुख्यमन्त्री सहित उच्चाधिकारियों से की है।
Author: Vikas Srivastava










