
संविधान दिवस पर संसद सत्र कार्यवाही का नाट्य मंचन कर बच्चों ने मन मोहा
रायबरेली।
शहर के प्रभुटाउन स्थित राइज़िंग चाइल्ड स्कूल में भारतीय संविधान दिवस के अवसर पर विविध कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का उद्घाटन उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता एवं विद्यालय के अध्यक्ष अमिताभ त्रिपाठी के द्वारा माँ सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया। प्रबंधक अरविन्द श्रीवास्तव एडवोकेट ने आए हुए अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि महत्वपूर्ण दिवसों पर कार्यक्रमों के आयोजन से बच्चों के ज्ञान, मस्तिष्क एवं व्यक्तित्व में तेज़ी से निखार होता है। उन्होंने संविधान सभा के अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र प्रसाद एवं प्रारूप समिति के अध्यक्ष बी. आर. अंबेडकर को श्रद्धासुमन अर्पित किए। जूनियर विंग के छात्र-छात्राओं द्वारा भारतीय संसद सत्र की कार्यवाही का नाट्य मंचन भी प्रस्तुत किया, जिसकी सभी ने मुक्त कंठ से सराहना किया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता अमिताभ त्रिपाठी ने भारतीय संविधान के विषय में सभी को विस्तार से बताया। उन्होंने कहा भारतीय संविधान में प्रत्येक नागरिक को समानता एवं पूर्ण स्वतंत्रता का मौलिक अधिकार प्रदान किया गया है, उन्होंने कहा कि यह सभी जानते हैं कि भारतीय संविधान को 26 जनवरी 1950 को लागू किया गया था और इसके उपलक्ष में प्रतिवर्ष गणतंत्र दिवस मनाया जाता है, किंतु संविधान के लागू होने से दो महीने पहले 26 नवंबर 1949 को संविधान बनाने वाली सभा द्वारा कई दौर की चर्चाओं और संशोधनों के बाद संविधान को स्वीकार किया गया। इसीलिए 26 नवंबर को संविधान दिवस के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि किसी बिंदु को नाट्य एवं एक्टिविटी के द्वारा समझाने से बच्चे उस विषय को जीवन पर्यंत नही भूलते हैं। विद्यालय की प्रधानाचार्या सीमा श्रीवास्तव ने आए हुए अतिथियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि नई शिक्षा नीति में कौशल विकास और प्रयोगात्मक तरीक़े से बच्चों को शिक्षित करने पर ज़ोर दिया गया है, जिसके लिए विद्यालय कृत संकल्पित है। कार्यक्रम का संचालन स्वालेहा आसिफ़ एवं हरप्रीत कौर के द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिवक्ता रामसेवक सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस अवसर पर विद्यालय के प्रशासनिक अधिकारी रवींद्रनाथ हरी, एनीमा सिन्हा, नेहा सिंह राठौर, मो. तौफ़ीक़ सहित सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं का सहयोग सराहनीय रहा।

Author: Vikas Srivastava











