Search
Close this search box.

संभल में हिंसा राज्य प्रायोजित और मौतों के लिए सरकार जिम्मेदार :विजय विद्रोही 

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

संभल में हिंसा राज्य प्रायोजित और मौतों के लिए सरकार जिम्मेदार :विजय विद्रोही 

 

रायबरेली।

संभल हिंसा के विरुद्ध भाकपा (माले) कार्यकर्ताओं ने विकास भवन में धरना दिया बाद में जिलाधिकारी कार्यालय तक जुलूस निकाला। जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए भाकपा (माले) राज्य कमेटी सदस्य विजय विद्रोही ने कहा कि यूपी के संभल में हुई हिंसा भारत के धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक ताने-बाने को नष्ट करने का एक प्रयास है। ज्ञानवापी और अन्य स्थलों पर देखे गए पैटर्न के बाद, संभल में यह दावा करके विवाद पैदा किया गया कि 16वीं शताब्दी की जामा मस्जिद पहले एक मंदिर थी। पांच दिन पूर्व एक सर्वेक्षण होने के बावजूद, 24 नवंबर 2024 रविवार को सुबह दूसरा सर्वेक्षण शुरू किया गया। यह पूजा स्थल अधिनियम 1991 का स्पष्ट उल्लंघन है जो प्रत्येक धार्मिक पूजा स्थल की 15 अगस्त 1947 की स्थिति की गारंटी देता है।

उन्होंने कहा कि सर्वज्ञात है कि संभल में मनमाने और भड़काऊ सर्वेक्षण के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों पर योगी शासन की क्रूर कार्रवाई के दौरान पुलिस ने पांच मुस्लिम युवकों की गोली मार कर हत्या कर दी। पूरी घटना सांप्रदायिक ध्रुवीकरण को बढ़ावा देने और प्रदेश भर में मुस्लिम समुदाय के सदस्यों को डराने-धमकाने के लिए हालिया उपचुनाव जीत से उत्साहित संघ-भाजपा की एक सुनियोजित साजिश की ओर इशारा करती है। संभल की घटना ऐसे समय में हुई है जब कुछ ही दिन पहले राज्य में हाल के उप-चुनावों के दौरान मुस्लिम मतदाताओं खासकर संभल लोकसभा क्षेत्र की ही एक कुंदरकी विधान सभा में डराने और मताधिकार से वंचित करने के उद्देश्य से भाजपा-पुलिस गठजोड़ द्वारा हिंसक कार्यवाहियों की एक श्रृंखला देखी गई थी।

माले जिला सचिव उदय पटेल ने कहा की संभल हिंसा राज्य प्रायोजित है। इसके लिए योगी सरकार पूरी तरह जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि सरकार रोटी, रोजगार के क्षेत्र में विफलताओं की छिपाने, सार्वजनिक संपत्तियों बिजली, राज्य परिवहन आदि को निजी कंपनियों के हाथ कौड़ियों में बेचने की नापाक कार्यवाहियों से जनता का ध्यान भटकाने के लिए बहराइच और संभल कराए जा रहे हैं। इंसाफ मंच के जिलाध्यक्ष डॉ हलीम महमूद ने कहा कि संभल की घटना की जांच सुप्रीम कोर्ट के किसी वर्तमान न्यायाधीश से कराए जाने तथा संभल के डीएम, एसपी सहित अन्य जिम्मेदार अधिकारियों को भी जांच के दायरे में लाने की जरूरत है। किसान सभा जिलाध्यक्ष फूल चंद्र मौर्या ने कहा कि मेहनतकश जनता को अपने बुनियादी सवालों को आगे लाकर आंदोलनों के ज्वार खड़े कर सांप्रदायिक ताकतों को उनके मंसूबे में विफल करना होगा। किसान इस समय खाद, बीज और पानी के लिए मारा मारा फिर रहा है और सरकार और जेबी लोग हमे एक सब कुछ बर्बाद और तबाह कर देने वाली लड़ाई में झोंक देने की कोशिश में हैं, इसे विफल करने के लिए मेहनतकशों, बुद्धिजीवियों को आगे आना होगा। कार्यक्रम के इंकलाबी नौजवान सभा के जिला उपाध्यक्ष अहमद सिद्दीकी, इंसाफ मंच के जिला सचिव अहसन, ऐक्टू सचिव रामगोपाल लोधी, कृष्ण आत्मा शर्मा ने भी अपने विचार रखे। बाद में राष्ट्रपति को संबोधित 7 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा गया। जिसमें मृतकों के परिजनों को न्याय, मुआवजा, सरकारी नौकरी देने तथा उनकी मौत के जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किए जाने साम्प्रदायिक हिंसा भड़काने के लिए विष्णु शंकर जैन और भड़काऊ नारे लगाने वाले उकसावेबाजों के खिलाफ कार्रवाई करने, दर्जनों निर्दोष मुस्लिमों के खिलाफ दर्ज फर्जी मुकदमे वापस लिये जाने, गिरफ्तार लोगों की रिहाई करने, इस तरह के सुनियोजित हमलो को रोकने, जिम्मेदारों को सजा देने और पूजा स्थल अधिनियम, 1991 का कड़ाई से अनुपालन कराने की मांगे शामिल हैं।

Leave a Comment

और पढ़ें