
गणतंत्र दिवस पर सामाजिक संस्था की अनूठी पहल
युवाओं को दिया सामाजिक जिम्मेदारी निभाने का संदेश

संवाददाता
रायबरेली।
77वें गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर सामाजिक संस्था ‘माँ… मेरा अपना आँगन’ द्वारा जनपद में सेवा और सद्भाव की अनूठी मिसाल पेश की गई। संस्था की ओर से जिला महिला चिकित्सालय और आईटीआई स्थित वृद्धाश्रम में फल एवं खाद्य सामग्री वितरण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ जिला महिला चिकित्सालय से हुआ, जहाँ सीनियर नर्सिंग ऑफिसर शशिबाला के विशेष सहयोग से वार्ड में भर्ती 50 महिलाओं को फल वितरित किए गए। इस दौरान संस्था की अध्यक्षा प्रियंका पाण्डेय ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि युवाओं को अपनी और परिवार की जिम्मेदारी के साथ-साथ सामाजिक उत्तरदायित्वों का भी निर्वहन करना चाहिए। जब हम समाज के प्रति अपने कर्तव्यों को पूरा करते हैं तो जीवन में सकारात्मक सोच का संचार होता है और जीवन को एक नया अर्थ मिलता है।”
वृद्धाश्रम में सम्मान और सेवा
अस्पताल के बाद संस्था की टीम आईटीआई स्थित वृद्धाश्रम पहुँची। यहाँ प्रबंधक धनंजय सिंह के विशेष सहयोग से वृद्धजनों को खाद्य सामग्री वितरित की गई। संस्था के सदस्यों ने बुजुर्गों के साथ समय व्यतीत किया। बुजुर्गों को संबोधित करते हुए प्रियंका पाण्डेय भावुक दिखीं। उन्होंने कहा कि ईश्वर से भी ऊँचा स्थान माता-पिता का होता है। उन्होंने एक मार्मिक बात कही:
“यदि किसी घर के संस्कार देखने हों, तो वहाँ के बुजुर्गों को देखिए। अगर उनके चेहरे पर मुस्कान है, तो समझ लीजिए उस घर पर ईश्वर की साक्षात कृपा है।”
उन्होंने हर संभव मदद का भरोसा संस्था की इस छोटी सी पहल को वृद्धजनों के चरणों में समर्पित किया। उन्होंने बुजुर्गों को संस्था का हेल्पलाइन नंबर भी नोट कराया और विश्वास दिलाया कि वे किसी भी समय कॉल करके हर संभव सहायता प्राप्त कर सकते हैं। इस सेवा कार्य के दौरान अध्यक्षा प्रियंका पाण्डेय के साथ अधिवक्ता प्रतीक त्रिपाठी, यासिन अहमद, के.बी. सिंह, श्याम लाल और ऋषि सिन्हा मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
Author: Vikas Srivastava










