
ग्राम सभा रहवां की तीसरी खुली बैठक स्थगित
लगभग डेढ़ घंटा विलम्ब से पहुंचे नोडल अधिकारी

रायबरेली।
जनपद की सदर तहसील अंतर्गत ग्राम सभा रहवा में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत कोटा चयन हेतु तीसरी खुली बैठक कराई गई।
ज्ञात हो कि जिला कृषि अधिकारी को रहवां क्षेत्र का नोडल नामित किया गया था और यह बैठक नामित नोडल अधिकारी की अध्यक्षता में होनी थी किन्तु नोडल अधिकारी के समय से न पहुंचने के कारण कोटा के आवेदकों समेत भारी संख्या में स्थानीय लोगों व सुरक्षा व्यवस्था में तैनात पुलिसकर्मी जो समय से अपने दायित्वों का निर्वहन करने हेतु बैठक स्थल पर पहुंच चुके थे, को लंबी प्रतीक्षा करनी पड़ी।
जानकारी करने पर पंचायत सचिव अरविंद कुमार ने बताया कि नोडल अधिकारी को फ़ोन किया गया तो उन्होंने बताया कि उन्हें कोई जानकारी ही नही है। वहीं सूत्रों की मानें तो नोडल अधिकारी को यह भी जानकारी नही थी कि उन्हें नोडल अधिकारी बनाया गया है, जबकि इससे संबंधित आदेश लगभग दस दिन पूर्व ही जारी हो गया था, नोडल अधिकारी के न पहुंचने की जानकारी जब उपजिलाधिकारी तक पहुंची तो नोडल अधिकारी बने जिला कृषि अधिकारी बैठक में पहुंचे और मात्र 15 मिनट में ही बैठक स्थगित कर दी गई।
बैठक स्थगन को लेकर नोडल अधिकारी से जब पूंछा गया तो पहले तो उन्होंने कोई उत्तर नही दिया किन्तु बाद में परिचय व बैनर जानकर बताया कि आवेदकों के अभिलेख पूरे नहीं है, किसी भी आवेदक के अभिलेख पूरे नही हैं। कदाचित नोडल साहब पहचान और बैनर के अनुसार उत्तर देना उचित समझते हैं। वहीं जब पंचायत सचिव अरविंद कुमार से अभिलेख पूरे न होने के सम्बन्ध में पूंछा गया तो उन्होंने कहा कि पहले चुनाव हो जाए तो अभिलेख पूरे कराए जाएं, नोडल साहब ने फाइल देखी ही नही।
अब ऐसे में कई सवाल उठते हैं कि आख़िर यह किसकी लापरवाही है कि बैठक की तिथि निर्धारित हो गई और नोडल अधिकारी को जानकारी ही नही? जब बीती 23 फरवरी को 11 आवेदकों की सूची उपलब्ध हो गई थी तो आख़िर अब तक अभिलेख पूर्ण क्यों नही हो सके? कहीं कोटा चयन की यह प्रक्रिया किसी राजनीतिक व्यवस्था का शिकार तो नही?
Author: Vikas Srivastava










