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एम्स टीम ने किया टीबी जागरूकता व शोध सर्वेक्षण

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एम्स टीम ने किया टीबी जागरूकता व शोध सर्वेक्षण

 

पवन श्रीवास्तव 

रायबरेली। 

          भारत सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम (NTEP) के अंतर्गत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अमावां क्षेत्र में टीबी रोग के प्रति जन-जागरूकता का अभियान निरंतर जारी है। इसी क्रम में ऑल इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़ (एम्स) रायबरेली की टीम ने क्षेत्र के विभिन्न ग्रामों यथा सोथी, बावन बुजुर्ग बल्ला, हरदासपुर, बुधनपुर, बंदीपुर, सिधौना आदि गांव में जाकर टीबी जागरूकता और अनुसंधान सर्वेक्षण किया।

टीम की प्रमुख शोधकर्ता डॉ. हिमांशी शर्मा तथा उनके साथ डॉ. आदर्श पांडेय (इंटर्न) और डॉ. अभिनव कटारिया (इंटर्न) ने ग्रामीणों को टीबी प्रिवेंटिव थेरेपी (TPT) की जानकारी दी और इसके महत्व को विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया कि यह दवा उन व्यक्तियों को दी जाती है जो टीबी मरीजों के संपर्क में रहते हैं, जिससे संक्रमण को रोका जा सके। अभियान का प्रमुख कारण यह भी रहा कि आम जनमानस में जागरूकता बढ़ सके और इस बीमारी से लोगों को बचाया जा सके।

इस अभियान को सफल बनाने में वरिष्ठ उपचार पर्यवेक्षक करुणा शंकर मिश्र ने अहम भूमिका निभाई। उन्होंने गांव-गांव भ्रमण कर टीम का मार्गदर्शन किया और टीबी मरीजों के संपर्क में रह रहे लोगों को जागरूक करने में सराहनीय योगदान दिया। वरिष्ठ उपचार पर्यवेक्षक करुणा शंकर मिश्रा ने ग्रामीणों को समय पर जांच कराने, लक्षणों को नजरअंदाज न करने और सरकार द्वारा दी जा रही मुफ्त जांच व इलाज की सुविधाओं का लाभ उठाने की सलाह दी। ग्रामीणों ने भी इस अभियान का स्वागत किया और कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर भाग लिया। इस मौके पर कम्युनिटी हेल्थ अफसर हर्षित जैन, अनीता, अंजली वर्मा, दिव्यांशु वर्मा, रामबली आदि मौजूद रहे।

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