गौशाला में फैली अव्यवस्थाएं, गौवंशों की मौत से ग्रामीणों में आक्रोश
संवाददाता

रायबरेली।
जनपद के विकास खंड छतोह अंतर्गत ग्राम पंचायत राजापुर कुंवरमऊ स्थित गौशाला में फैली अव्यवस्थाएं प्रशासनिक दावों की पोल खोलती नजर आ रहीं हैं। यहां गौवंशों की लगातार हो रही मौतों ने प्रशासनिक दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। गौशाला में रखरखाव और समुचित देखभाल के अभाव में बेजुबान पशु मौत के मुंह में समा रहे हैं, जबकि जिम्मेदार अधिकारी और ग्राम पंचायत के प्रतिनिधि उदासीन बने हुए हैं। सोमवार को क्षेत्रीय संवाददाताओं की टीम जब गौशाला पहुंची तो वहां का दृश्य बेहद चिंताजनक मिला। गौशाला में मौजूद लगभग 289 गौवंशों में से कई पशु जमीन पर बीमार अवस्था में पड़े दिखाई दिए, जबकि एक गौवंश की मौत भी हो चुकी थी। सूत्रों के अनुसार गौशाला में प्रतिदिन एक-दो गौवंशों की मौत होने की बात सामने आ रही है। कई पशु भूख और बीमारी के कारण कमजोर नजर आए। गौशाला परिसर में साफ-सफाई और समुचित व्यवस्थाओं का भी अभाव दिखाई पड़ा।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रधान और सचिव की लापरवाही के चलते गौवंशों की स्थिति दिन-ब-दिन बद से बदतर होती जा रही है। पशुओं के लिए भूसे का भंडारण तो मौजूद है, लेकिन हौद में चारा नहीं दिखा। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
गौशाला की अव्यवस्थाओं को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। लोगों ने जिला प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार गौ संरक्षण के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर जिम्मेदारों की लापरवाही के कारण गौवंशों की जान जा रही है। बताया जाता है कि छतोह क्षेत्र की अन्य गौशालाओं जैसे पूरे राई, बरावां, बुढवारा, लखापुर और परैया नमकसार में भी गौवंशों के रखरखाव की स्थिति संतोषजनक नहीं है। ग्रामीणों का आरोप है कि चारा, पानी और पशुओं के इलाज में भी अनियमितताएं बरती जा रही हैं, जबकि सरकार इन गौशालाओं के संचालन के लिए लाखों रुपये का बजट जारी कर रही है। मामले को लेकर जब गौशाला की जिम्मेदारी निभाने वाले प्रधान और सचिव से बात की गई तो उन्होंने सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त होने का दावा किया। वहीं गौशाला की देखरेख करने वाले पशु चिकित्सक ने भी स्पष्ट जवाब देने से किनारा कर लिया। इस संबंध में खंड विकास अधिकारी एस.बी. सिंह ने फोन पर सचिव को फटकार लगाते हुए मौके पर जाकर जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्यवाही की जाएगी।









