शान-ओ-शौकत के साथ निकाला गया 10 मोहर्रम का जुलूस
चप्पे-चप्पे पर मुस्तैद रहा प्रशासन
पवन श्रीवास्तव

नसीराबाद, रायबरेली।
नगर पंचायत नसीराबाद में 10 मोहर्रम का जुलूस बडे ही शान-ओ-शौकत के साथ निकाला गया। जुलूस गुडखेत से 2 बजे प्रारम्भ हुआ जो निर्धारित मार्ग मोहल्ला कायस्थाना, कसाई मोहल्ला, डेला महरानी प्राइमरी स्कूल, जानी गड़ही, हाता, दलालन तो, मिलकियाना, बंगला, दाखिन टोला से होता हुआ 5 बजे अलीशहीद (कर्बला) पहुंचा। रास्ते में शिया हजरात मातम कर रहे थे। बंगला से छूरी का मातम शुरू हुआ जो कर्बला में समाप्त हुआ। जुलूस में सभी धर्म के लोग शरीक थे। हिन्दू भाई भी मातम करते देखे गये। कर्बला में इमाम ने शहादत पर पूरा वाकया बयां किया। जुलूस में मौजूद श्रद्धालु या हुसैन या हुसैन की सदाओं के साथ मातम व छुरियों का मातम करते हुए करबला पहुंचे। रास्ते में हर मुहल्ले में लोगों ने अकीदत के साथ जुलूस का स्वागत किया और सभी धर्मों के लोग ज़ुल्जनाह को मेवा, मिठाई खिला रहे थे।
जुलूस में अंजुमन हैदरिया के जनाब कमल असगर और असद नसीराबादी ने नौहाखानी की। जिससे जुलूस में शामिल लोग ने खूब गिरिया की किया। तुरबत जलीलूल हसन के बाग में दफन किया गया और अली शहीद के गेट पर हुसैनी भंडारे और जलीलूल हसन मरहूम के मकान पर फाक़ा शिकनी का भी आयोजन किया गया था जो देर रात तक चलता रहा। जुलूस के बाद हुसैनिया जलालुद्दीन पर जनाब अशहद साहब और हुसैनिया अब्दुल मुत्तालिब रोजा पर मौलाना जीशान मेहदी रिज़वी ने इमाम हुसैन और करबला के शहीदों के ऊपर होने वाले जुल्म की दास्तान बयान की, तो मौजूद लोगों ने खूब गिरिया किया।
जुलूस में वफ़ा अब्बास, जियाउल हुसैन, जफर, जरी, कफील, मोहम्मद अब्बास , ताहिर, अहसन, अकील अख्तर, जकी अख्तर, आरिफ अली, सुल्तान अख्तर सहित हजारों लोगों ने शिरकत की। चेयरमेन मो०अली अपनी पूरी 80 सफाईकर्मी की टोली व स्टाफ के साथ आगे आगे चल रहे थे। इनके साथ मो० नासिर, मो०आदिल, पवनकुमार सफाई नायक मुर्तजा, नसीम आदि चल रहे थे। शिया हजरात में मुन्ना (फरहत हुसैन) जकी अख्तर, नकी रजा, आलिम रजा, खादिम, दिलबर, मिशम आलेतकी, राजदार, कंम्बर असगरी, सुल्तान रजा, कासिम नकवी, अनवर नकवी, सैफअब्बास, ताबिस, मेराज सहित लगभग 600 की संख्या में मातम करनेवाले सम्मलित रहे।









