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जिम्मेदारों की अनदेखी के चलते खतरे में समाज के प्रहरी 

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जिम्मेदारों की अनदेखी के चलते खतरे में समाज के प्रहरी 

 

रायबरेली।

समाज में नागरिकों की सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था सुदृढ़ बनाए रखने में पुलिस की की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। कहीं की बड़े अधिकारी का कार्यक्रम हो या किसी बड़े नेता का आगमन, चाहे कहीं कोई अराजकता हुई हो या दंगा फसाद अथवा कोई त्यौहार अपने जीवन, अपनी खुशियों एवं भावनाओं की आहुति देकर दिन रात धूप हो या बरसात समाज की सुरक्षा हेतु यह पुलिसकर्मी सदैव खड़े रहते हैं। किन्तु इनका जीवन जब किसी भी खतरे में हो तो आख़िर इनकी सुरक्षा कौन करेगा? जी हां जिम्मेदारों की अनदेखी के चलते ऐसे समाज के प्रहरी कहे जाने वाले पुलिसकर्मियों का जीवन पर बीमारियों का खतरा बना हुआ है।

ज्ञात हो कि नगर के मुख्य चौराहे डिग्री कॉलेज के निकट ही फायर ब्रिगेड, जनपद का पुलिस मुख्यालय और महिला थाना स्थित है और इसके अतिरिक्त महिला थाना परिसर में पुलिस आवास भी बने हुए हैं। इन सभी के मध्य एक तालाब भी स्थित है जो स्वच्छता के अभाव में अनेक संक्रामक बीमारियों का घर बना हुआ है। सूत्रों से प्राप्त जानकारी अनुसार इस तालाब में कहीं कोई जल निकासी न होने के कारण इसमें गंदगी जमा होती रहती है जिससे यहां मच्छरों का प्रकोप बना रहता है साथ अन्य जीव जंतुओं का खतरा भी बना रहता है। जिसके चलते यहां कार्यालयों में तैनात एवं आवास में रहने वाले पुलिसकर्मियों मच्छरों से होने वाली डेंगू, मलेरिया जैसी जानलेवा बीमारियों के साथ गंदगी के कारण अन्य बीमारियों का खतरा बना रहता है। बरसात के मौसम में अत्यधिक जलभराव होने से यह ख़तरा और भी बढ़ जाता है तथा बदबू के कारण सांस लेना भी दूभर हो जाता है।

ऐसे में सवाल यह उठता है कि आम से लेकर खास तक सबकी सुरक्षा करने वाले, समाज के प्रहरी इन पुलिसकर्मियों की सुरक्षा को प्राथमिकता क्यों नहीं दी जाती? यदि इस तालाब का सौंदर्यीकरण कर इसके चारों ओर फैली अवांछित झाड़ियों को हटाकर जीवनदायक वृक्ष एवं सुन्दर फूलों के पौधे लगा दिए जाएं तो कदाचित समाज के इन प्रहरियों को शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को सुरक्षित किया जा सकता है।

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