कलेक्ट्रेट परिसर में फैला गंदगी का अंबार, आख़िर क्यों बीमारियों के ख़तरे को अनदेखा कर रहे जिम्मेदार

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कलेक्ट्रेट परिसर में फैला गंदगी का अंबार

आख़िर क्यों बीमारियों के ख़तरे को अनदेखा कर रहे जिम्मेदार

संवाददाता 

रायबरेली।

बरसात भी आकर चली गई, बादल भी गरज कर बरस गए किन्तु स्वच्छ भारत अभियान को लेकर समय समय पर फ़ोटो खिंचवाकर मीडिया की सुर्खियों में रहने वाले अधिकारियों को कदाचित कलेक्ट्रेट परिसर में फैली गंदगी नजर ही नहीं आई। प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में जहां फरियादियों से लेकर अधिवक्ता, स्टांप वेंडर व कर्मचारियों का आवागमन बना रहता है, उस परिसर में लगा गंदगी का अंबार हुआ है जिससे अनेक प्रकार की संक्रामक बीमारियों का खतरा जनमानस पर मंडराता रहता है, बरसात के मौसम में विषैले जीव परिसर में अक्सर दिखाई देते हैं, परंतु अपने वातानुकूलित आरामदायक कक्ष में बैठे जनसेवक जनता की इन समस्याओं से कदाचित कोई सरोकार नहीं रखना चाहते हैं।

ज्ञात हो कि जिलाधिकारी कार्यालय के ठीक सामने स्थित परिसर में शौचालय एवं मूत्रालय तो बने हुए हैं किन्तु उनकी गंदगी और वहां से उठने वाली बदबू को देखकर के शायद ही वहां पर कोई जाना चाहेगा परंतु विवशता है कि उन्हें जाना पड़ता है। जर्जर स्थिति में उपेक्षित पड़े उक्त शौचालय में न तो दरवाजे हैं और न ही पानी। साथ ही उसके निकट पड़े कूड़े के ढेर की सड़न से उठने वाली बदबू से आस पास के वातावरण को और भी दूषित कर रही है। इतना ही नही शौचालय की दीवार पर बने संकेतक भी विपरीत दिशा में बने हुए हैं किन्तु उस ओर किसी ने भी ध्यान देना उचित नही समझा।

इसके अतिरिक्त परिसर में सुरक्षा कर्मियों के लिए बना गार्ड रूम भी जर्जर स्थिति में है, जहां कोई सुविधा न होने के कारण सुरक्षा कर्मियों को विवश होकर किसी न किसी अधिवक्ता या दुकानों की शरण में जाकर बैठना पड़ता है। यदि इस गार्ड रूम में उचित व्यवस्था बना दी जाए तो संभवतः सुरक्षा में तैनात सुरक्षाकर्मियों को भी एक सुरक्षित वातावरण मिल जाएगा जिससे उन्हें भी थोड़ी सहूलियत मिल सकती है। अब देखना यह होगा कि दीपावली के अवसर पर ये जनसेवक क्या आम जनमानस को इन समस्याओं से निजात दिला पाएंगे या स्वच्छ भारत अभियान मात्र कागजों पर ही चलता रहेगा।

Vikas Varta
Author: Vikas Varta

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