लेखनशाला की प्रथम वर्षगांठ पर साहित्यिक समारोह का हुआ आयोजन
रायबरेली।

साहित्यिक रचनात्मकता को प्रोत्साहित करने वाली संस्था लेखनशाला ने रविवार को रायबरेली के राइजिंग चाइल्ड स्कूल में अपनी प्रथम वर्षगांठ बड़े ही उत्साह के साथ मनाई। कार्यक्रम का शीर्षक “एक साल की सफलता, एक यादगार जश्न” रहा, जिसमें रायबरेली सहित विभिन्न जनपदों व राज्यों से पधारे साहित्य प्रेमियों, लेखकों एवं विद्वानों ने भाग लेकर आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया।
इस अवसर पर मंच पर उपस्थित रहे अतिथियों में वरिष्ठ साहित्यकार डाॅ. पुष्पा श्रीवास्तव शैली, साहित्य अध्यापक डाॅ. कल्पना अवस्थी, साहित्यकार डाॅ. संतलाल, डाॅ. अशोक गौतम, संतोष विश्वकर्मा, अरविंद श्रीवास्तव, आकाशवाणी से जुड़े RJ अंकुर तिवारी, कवि अकबर, ज़मीर रायबरेलवी, भारत मौर्य, प्रमोद प्रजापति, गोविंद ग़ज़ब, इंद्रेश भदौरिया, शिव बहादुर ‘दिलबर’, हरिंगेंद्र सिंह, सूरज सिंह, अंशुमान सिंह, सौरभ सिंह, अजय सिंह सहित अनेक गणमान्य साहित्यप्रेमी एवं मीडिया प्रभारी की भूमिका में मंडल ब्यूरो चीफ पवन कुमार श्रीवास्तव उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में उमारमन, सचिन यादव, सचिन अवस्थी, उत्कर्ष श्रीवास, देवेंद्र, परमहंस मौर्या, आंचल मौर्या, अनुज मौर्या, सुमित यादव, अमित आदि रचनाशील युवाओं और प्रतिभागियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। संस्था के संस्थापक अभय प्रताप सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि लेखनशाला केवल एक पब्लिशिंग प्लेटफॉर्म नहीं, बल्कि एक साहित्यिक आंदोलन है, जिसका उद्देश्य उन लोगों तक पहुँचना है जो लिखना चाहते हैं, पढ़ना चाहते हैं, लेकिन उनके पास मंच नहीं है। हम हर रचनाकार को मंच देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।” संयोजक प्रदीप प्यारे ने लेखनशाला की आगामी योजनाओं और नवोदित लेखकों के लिए प्रस्तावित गतिविधियों पर विस्तार से चर्चा की।
नवोदित एवं वरिष्ठ लेखकों के लिए समान अवसर तथा कविता, कहानी, ग़ज़ल, लेख, विचार, समीक्षा सहित सभी विधाओं में प्रकाशन, डिजिटल व प्रिंट माध्यमों पर सक्रिय उपस्थिति ने यह सिद्ध कर दिया कि साहित्य आज भी समाज का दर्पण है, और लेखनशाला जैसे मंच युवाओं और अनुभवी साहित्यकारों को एक साथ जोड़कर साहित्य की लौ को प्रज्वलित रखे हुए हैं।
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