गंगा नदी के संरक्षण हेतु नालों का किया गया सर्वेक्षण

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गंगा नदी के संरक्षण हेतु नालों का किया गया सर्वेक्षण

 

डलमऊ, रायबरेली।

गंगा नदी की निर्मलता और अविरलता को बनाए रखने के उद्देश्य से जिला परियोजना अधिकारी संजय कुमार एवं क्षेत्रीय वन अधिकारी रवि भास्कर द्वारा डलमऊ क्षेत्र में नदियों में गिरने वाले नालों का विस्तृत सर्वेक्षण गंगा में प्रदूषण के स्रोतों की पहचान करने और उसे नियंत्रित करने के लिए किया गया ताकि महाकुंभ जैसे धार्मिक आयोजनों के दौरान नदी की जलवायु की शुद्धता बनी रहे।

जिला परियोजना अधिकारी संजय कुमार ने कहा, “हमारा प्रमुख लक्ष्य गंगा नदी की स्वच्छता और उसके जल की अविरल धारा को बनाए रखना है। हम सुनिश्चित करेंगे कि नदी में गिरने वाले नालों को रोककर या उनका शोधन करके गंगा के जल को प्रदूषणमुक्त किया जाए।” क्षेत्रीय वन अधिकारी रवि भास्कर ने इस सर्वेक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा, “गंगा नदी की पवित्रता और शुद्धता के लिए यह जरूरी है कि हम प्रदूषण के हर स्रोत का सही तरीके से समाधान करें। यह सर्वेक्षण केवल नदी के जल को स्वच्छ बनाए रखने के लिए नहीं बल्कि आसपास के पर्यावरण को भी संरक्षित रखने के लिए किया गया है।” अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत डलमऊ आरती श्रीवास्तव द्वारा बताया गया गंगा नदी में सभी नालों का नियमित जैविक उपचार और निरीक्षण किया जा रहा है। गंगा नदी को स्वच्छ और प्रदुषण मुक्त बनाए रखने की नगर पंचायत की मूल प्राथमिकता है। 

सर्वेक्षण के दौरान वन दरोगा शरद वाजपेयी, विजय वर्मा, नगर पंचायत डलमऊ के लाल जी, आशीष कुमार सैनी, प्रीतम तिवारी, कपिल व अन्य लोगों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। इस दौरान समुदाय के लोगों से भी संवाद किया गया ताकि उन्हें नदी के संरक्षण के महत्व के बारे में जागरूक किया जा सके और उन्हें इस प्रयास में सक्रिय रूप से शामिल किया जा सके। यह कदम गंगा नदी के संरक्षण में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा और नदियों के जल को अविरल बनाने में जिला गंगा समिति और वन विभाग द्वारा इस दिशा में किए जा रहे प्रयास और गंगा की स्वच्छता को सुनिश्चित करने में निर्णायक भूमिका निभाएंगे।

Vikas Varta
Author: Vikas Varta

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