राजीव गाँधी राष्ट्रीय विमानन विश्वविद्यालय में पाँच नये पाठ्यक्रमों का हुआ शुभारंभ
पवन श्रीवास्तव

अमेठी।
राजीव गाँधी राष्ट्रीय विमानन विश्वविद्यालय, फुरसतगंज, अमेठी में एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पत्रकारों से बात करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. भृगु नाथ सिंह ने कहा कि अकादमिक वर्ष 2025-26 से पाँच नये पाठ्यक्रम- बी.टेक. इन एयरोस्पेश अभियांत्रिकी, बी.टेक. इन इलेक्ट्रॉनिक्स व कम्युनिकेशन अभियांत्रिकी- एवियोनिक्स, बी.बी.ए. इन एविएशन मैनेजमेंट, एम.बी.ए. इन एविएशन मैनेजमेंट एवं एम.बी.ए. इन एविएशन लॉजिस्टिक मैनेजमेंट शुरू किये जा रहे हैं।
उन्होंने आगे बताया कि 4-वर्षीय बी. टेक. पाठ्यक्रमों में 60-60 सीटें हैं, जिनमें नामांकन जोसा एवं सीसैब के माध्यम से, 2-वर्षीय एम.बी.ए. में सी.यू.ई.टी. पी.जी. स्कोर एवं 3-वर्षीय बी.बी.ए. में सी.यू.ई.टी. यी.जी. एवं अन्य स्कोर के आधार पर प्रदान किये जा रहे हैं। इन पाठ्यक्रमों में छात्रों का चयन आई.आई.टी. के वरिष्ठ प्राध्यापकों की समिति द्वारा साक्षात्कार के आधार पर किया जा रहा है ताकि उत्कृष्ट छात्रों का चयन सुनिश्चित किया जा सके। इन सभी पाठ्यक्रमों में कक्षाएँ अगस्त-2025 के द्वितीय एवं अंतिम सप्ताह से आरंभ होंगी। इन पाठ्यक्रमों के अलावा विश्वविद्यालय उद्योगजगत के सहयोग से 3-वर्षीय बैचलर इन मैनेजमेंट स्टडीज एवं डेढ़ वर्षीय पीजी डिप्लोमा इन एयरपोर्ट ऑपरेशन पाठ्यक्रम भी संचालित कर रहा है, जो इंटर्नशिप युक्त पाठ्यक्रम है। साथ ही 6 महीने का बेसिक फायर फाइटर पाठ्यक्रम एवं 5 सप्ताह का फायरमैनशिप पाठ्यक्रम, जूनियर फायर ऑफिसर एवं सीनियर फायर ऑफिसर पाठ्यक्रम भी संचालित किये जा रहे हैं।
प्रो. सिंह ने बताया कि इन विषयों के पाठ्यक्रम उद्योग जगत की जरूरत के अनुरूप तैयार किए गए हैं। साथ ही शिक्षण, प्रयोगशाला एवं सेमेस्टर परीक्षाओं के सुचारु संचालन के लिए विभिन्न संस्थानों के वरिष्ठ प्राध्यापकों की समिति की सहायता से अकादमिक एवं प्रशासनिक नियम तैयार कर अकादमिक परिषद् एवं कार्यकारी परिषद् की स्वीकृति से लागू किया गया है। विमानन विश्वविद्यालय को नियमित पाठ्यक्रम के अतिरिक्त अन्य संस्थानों द्वारा संचालित पाठ्यक्रमों को भी मान्यता प्रदान करने की शक्ति प्रदान की गई है। इसके अंतर्गत वर्ष 2025-26 से इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय उड़ान अकादमी द्वारा संचालित बी.एस.सी एविएशन फॉर सी.पी.एल. कैडेट एवं बी.एस.सी एयरक्राफ्ट मेन्टेनेंस इंजीनियरिंग फॉर ए.एम.ई. कैडेट पाठ्यक्रमों को मान्यता एवं डिग्री प्रदान की जाएगी। उन्होंने आगे कहा वर्ष 2026-27 के लिए देशभर के महाविद्यालयों एवं संस्थानों को विमानन क्षेत्र से संबंधित पाठ्यक्रम संचालित करने के लिए मान्यता प्रदान करने के उद्देश्य से आवेदन आमंत्रण की प्रक्रिया भी शुरू की है और उचित प्रकिया का अनुपालन कर उन्हें इसकी अनुमति दी जाएगी।
प्रो. सिंह ने कहा कि उत्कृष्ट अध्ययन एवं शोध सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विशेषज्ञों के सहायोग से अत्याधुनिक उपकरणों से लैस भौतिकी, रसायन, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, अप्लाइड मैकेनिकल इंजीनियरिंग, बेसिक इलेक्ट्रॉनिक्स, आरेखन, कंप्यूटर प्रोग्रामिंग आदि प्रयोगशालाओं की स्थापना की जा रही है। इसी क्रम में विश्वविद्यालय अपनी शिक्षण क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से विभिन्न विषयों में सहायक प्राध्यापक, सह-प्राध्यापक, प्राध्यापकों, विजिटिंग प्राध्यापक, शिक्षण प्राध्यापक, एडजंक्ट प्राध्यापक, एडजंक्ट प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस, अंतरराष्ट्रीय विशिष्ट मानद प्राध्यापक एवं प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस की नियुक्ति कर रही है। इन पदों पर योग्य उम्मीदवारों का चयन आई.आई.टी., आई.आई.एम., एन.आई.टी. एवं केन्द्रीय विश्वविद्यालयों के विशेषज्ञों की समिति की अनुशंसा पर की जा रही है। इसके साथ ही समूह क, ख एवं ग के प्रशासनिक पदों पर भी नियुक्ति की प्रक्रिया जारी है।
उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय ने देश-विदेश के विभिन्न संस्थानों से ज्ञान के आदान-प्रदान के लिए आई.आई.टी. रोपड़, पटना, भिलाई, कोरिया एयरोस्पेश विश्वविद्यालय, दक्षिण कोरिया एवं अमेरिका के पर्डु विश्वविद्यालय के साथ समझौता भी किया है। इसके अंतर्गत इन संस्थानों के सहयोग से सहयोगात्मक शोध कार्य, छात्र व प्राध्यापकों का आदान-प्रदान, सम्मेलनों आदि का आयोजन किया जाएगा। विमानन विश्वविद्यालय आगामी जनवरी 2026 सत्र से विभिन्न विषयों में पी.एच.डी. पाठ्यक्रम शुरू करने जा रहा है ताकि इसे विमानन क्षेत्र में एक उत्कृष्ट शोध एवं नियम-निर्माण विश्वविद्यालय के रूप में स्थापित किया जा सके। यह सभी अकादमिक एवं प्रशासनिक उपलब्धियाँ, केन्द्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सहयोग एवं मार्गदर्शन से संभव हो पा रहा है। इसके लिए विश्वविद्यालय परिवार, माननीय केन्द्रीय मंत्री, सचिव एवं सभी अधिकारियों एवं विमानन उद्योग के प्रति आभार व्यक्त करता है। हम सभी जानते हैं कि विश्वविद्यालय का प्रथम दीक्षांत समारोह वर्ष 2024 में माननीय केन्द्रीय मंत्री के. आर. मोहन नायडु की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। विमानन विश्वविद्यालय 4-8 अगस्त 2025 तक एयरक्राफ्ट लीजिंग एवं फायनेंसिंग विषय पर अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञों के सहयोग से पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर रहा है, जो देश में एक अनूठा कार्यक्रम है।
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