टीकाकरण से शिशु की मौत के मामले में जांच करने पहुंचे अधिकारी
एएनएम नीतू सिंह द्वारा बिना नापतौल के लगाए गए तीन टीके
पवन श्रीवास्तव

नसीराबाद, रायबरेली।
एएनएम द्वारा बिना नापतोल के दो किलो से कम वजन के नवजात शिशु को लगातार तीन टीका लगाने से हुई मौत मामले में जिले से एसीएमओ कृष्ण कुमार के साथ नसीराबाद सीएचसी अधीक्षक सहित चार लोगों की टीम ने डीघा गांव पहुंच कर जांच पड़ताल करते हुए पीड़ित का बयान लिया और एसीएमओ ने कार्यवाही का आश्वासन दिया। हालांकि एएनएम पर कार्यवाही करने के लिए सीएचसी अधीक्षक डॉक्टर आशीष कुमार द्वारा भी आश्वासन दिया गया था।
ज्ञात हो कि विगत दो दिन पूर्व क्षेत्र के डीघा गांव में आंगनवाड़ी केंद्र प्रभारी व आशा बहू विनीता सरोज की मौजूदगी में प्राइमरी स्कूल डीघा में बुधवार को टीकाकरण किया जा रहा था। इस दौरान गांव के जमुना प्रसाद पुत्र छेदी प्रसाद पांडेय की नातिन को भी टीका लगाया गया। शिशु केवल दो माह का ही था जिसका वजन दो किलो से कम था। सूत्रों की मानें तो एएनएम नीतू सिंह के द्वारा बिना नापतौल के ही तीन टीके लगाए गए थे। टीका लगाने के बाद से ही बच्चा अस्वस्थ हो गया और रात में तबीयत ज्यादा खराब हुई। गुरुवार की सुबह समय करीब आठ बजे परिजन नसीराबाद सीएचसी ले गए जहां मौजूद डॉक्टरों ने देखा तो मृत घोषित कर दिया। डॉक्टर की बात सुनकर परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। पीड़ित परिजनों द्वारा सीएचसी अधीक्षक समेत करीब आधा दर्जन से ज्यादा अधिकारियों को शिकायत पत्र के माध्यम से न्याय की गुहार लगाई गई। नसीराबाद थाना अध्यक्ष समेत अन्य अधिकारियों को आनलाइन शिकायती पत्र देते हुए कार्यवाही की मांग की गई। जिसके बाद अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी के नेतृत्व में चार लोगों की गठित टीम ने पीड़ित के घर पहुंच कर जांच की। अधिकारियों के आने से परिजनों में न्याय की उम्मीद जगी। एडिशनल सीएमओ कृष्ण कुमार का कहना है कि जांच की गई है कार्यवाही की जाएगी।









