सैनिक सुरेंद्र प्रसाद का पूरे राष्ट्रीय सम्मान के साथ किया गया अंतिम संस्कार
डलमऊ, रायबरेली।

पूरेगांव पूरे परसादी मजरे कोरौली करकशा डलमऊ क्षेत्र के रहने वाले सेना के जवान सेवा में 24 साल नौकरी सेवानिवृत होने के बाद अपने परिवार के साथ-साथ कुशल न्यू विकास नगर नियर पुलिस लाइन रायबरेली अपने परिवार के साथ जीवन व्यतीत कर रहे थे। इसके बाद वह (एफ सी आई) फूड कारपोरेशन ऑफ़ इंडिया लिमिटेड रायबरेली के अंतर्गत सुरेंद्र प्रसाद DGR पूरन सिंह ज्याला सिक्योरिटी एजेंसी तहत सिक्योरिटी सुरक्षा गार्ड गन मैन की ड्यूटी पर तैनात थे। 03 अक्टूबर 2024 दिन बृहस्पतिवार एफसीआई में ड्यूटी के दौरान रैक में ड्यूटी के दौरान ट्रेन एक्सीडेंट में मौत हो गई। जैसे पता लगा सुरक्षा गार्ड्स आनन फ़ानन में उन्हे लेकर एम्स पहुंचे किन्तु एम्स में इलाज के दौरान उन्हें बचा नहीं पाए। मौत की खबर लगते ही परिजनों के साथ ग्रामीण व रिश्तेदारो में कोहराम मच गया। हवलदार सुरेंद्र प्रसाद के अंतिम दर्शन के लिए सैनिक समाज सेवा संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट जय सिंह यादव फौजी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष फौजी राज मोहन, ऊंचाहार विधान सभा अध्यक्ष फौजी श्रीराम मौर्य, ब्लॉक अध्यक्ष डलमऊ अनिल यादव, फ़ौजी रामनंद यादव, संरक्षक सूबेदार डी एन यादव, कोषाध्यक्ष पवन कुमार विलियम, सूबेदार के एल मौर्य, साब सूबेदार राज बहादुर, साब फ़ौजी मनोज कुमार, एस आई के बी यादव, फौजी दिलीप कुमार, फौजी इंद्र बहादुर आदि सदस्य लगभग हजारों की भीड़ में एकत्र हुए। वहां उपस्थित सभी की आँखे नम हो गई। सैनिक समाज सेवा संगठन के पदाधिकारी सदस्य एवं परिजनों ने तिरंगे में लिपटा हवलदार सुरेंद्र प्रसाद का शव नीचे उतार कर लोगो के अंतिम दर्शन के लिए रखा। जिसके बाद पिता शिवलाल और 4 बड़े भाई, पत्नी सरोज, पुत्री अंचला, शाक्षी, आस्था, पुत्र अंश कुमार के साथ ही परिजनों व रिश्तेदारो में कोहराम मच गया। उपस्थित लोगों की भीड़ ने सुरेंद्र प्रसाद के शव पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजली अर्पित की। जिसके लगभग एक घंटे के बाद हवलदार सुरेंद्र प्रसाद के शव को गाड़ी में रखकर अंतिम संस्कार हेतु डलमऊ घाट रवाना हो गए जहां AIIMS रायबरेली से कर्नल उपेंद्रनाथ राय, कर्नल अतुल्य दयाल जिला सैनिक बोर्ड अधिकारी रायबरेली का सराहनीय योगदान रहा। सेना की NCC BN रायबरेली से कर्नल वी एस पाल, कर्नल संजीव कुशवाहा, एस एम होनी, लेफ्टिनेंट धान देव साहब के आदेश अनुसार सेना के जवान सूबेदार धीरज सिंह, हवलदार भगवान सिंह एवं सैनिक समाज सेवा संगठन पदाधिकारी सदस्यों के साथ पूरे राष्ट्रीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।










