प्रसिद्ध गायक आदित्य सारस्वत के भजनों पर झूमे श्रोता

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प्रसिद्ध गायक आदित्य सारस्वत के भजनों पर झूमे श्रोता

 

पवन श्रीवास्तव

लखनऊ।

अवसर महाकुंभ जैसे आयोजन का हो तो बात ही निराली हो जाती है। मंगलवार को संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा कलाग्राम में आयोजित सांस्कृतिक कुंभ के तहत नृत्य, संगीत की जुगलबंदी पर दर्शक थिरकते नजर आये। दूधिया रौशनी से नहाया हुआ कलाग्राम का मंच और खचाखच भरी दर्शक दीर्घा प्रसिद्ध गायक आदित्य सारस्वत को सुनने के लिए आतुर दिखाई दिए। मंच पर पहुंचते ही श्रोताओं ने उनका तालियों की गड़गड़ाहट के साथ जोरदार स्वागत किया। उन्होंने एक से बढ़कर भजन प्रस्तुत कर श्रोताओं को आनंदित कर दिया। देर रात तक श्रोता सारस्वत को सुनने के लिए अपनी कुर्सियों पर डटे रहे। आदित्य ने अपने कार्यक्रम की शुरूआत हे राम, हे राम जग में सांचों तेरो नाम से की। उसके बाद मंगल भवन अमंगल हारी राम सिया राम, मोरा मन दर्पण कहलाए, माई तेरी चुनरिया लहराई, किशोरी कुछ ऐसा इंतजाम हो जाए, जुबा पे राधा राधा- राधा नाम हो जाए तथा रघुपति राघव राजा राम जैसे भजनों की प्रस्तुति देकर पूरे मंच को राममय कर दिया। लोकनृत्यों की कड़ी में ढोल, नरसिंघा और बांसुरी जैसे पारंपरिक वाद्य यंत्रों की धुन पर चूड़ीदार पायजामा और ऊनी टोपी पहने हिमाचल प्रदेश से आए कलाकारों ने गद्दी नाटी लोकनृत्य की प्रस्तुति देकर गद्दी जनजाति के लोगों की कला और जीवनशैली को प्रदर्शित किया। इसके बाद मथुरा के कलाकारों द्वारा बृज के नृत्य की प्रस्तुति दी गई। असम के कलाकारों ने बिहू नृत्य, हरियाणा के कलाकारों ने फाग नृत्य, हिमाचल प्रदेश के कलाकारों ने सिरमौरी नाटी नृत्य, पंजाब के कलाकारों ने झूमर नृत्य के माध्यम से ग्रामीण जीवन, प्रेम, और प्रकृति के प्रति सम्मान को दर्शकों को दिखाया। बुधवार को प्रतिभा सिंह बघेल अपनी प्रस्तुति देने कलाग्राम आएगीं।

Vikas Varta
Author: Vikas Varta

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