राजस्व कर्मी से साठगांठ कर तालाब पर बनी प्रधान की हवेली
रायबरेली।

जनपद के हरचंदपुर कस्बे में प्रधान द्वारा तालाब पर कब्जा कर अपना मकान निर्मित किया गया है। ज्ञात हो कि लखनऊ प्रयागराज राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे स्थित गाटा संख्या 764 जो कि शासकीय अभिलेखों में तालाब दर्ज है। उस पर स्थानीय प्रधान की आलीशान आवास निर्मित है। विगत वर्ष 31 जनवरी 2024 को उक्त तालाब पर कब्जेदारी को लेकर न्यायालय द्वारा बेदखली का आदेश एवं जुर्माना भी लगाया गया किंतु अब तक उक्त निर्माण को हटाया नहीं जा सका।
राजस्व कर्मी स्थानीय लेखपाल सत्यवान सिंह का कहना है कि उक्त प्रकरण में रिवीजन दाखिल किया गया है मामला न्यायालय में है, हम उसमें कुछ नहीं कर सकते। जबकि सर्वोच्च न्यायालय का स्पष्ट निर्देश है की किसी भी तालाब, चारागाह व अन्य सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का मुकदमा मान्य नहीं है तो अब ऐसे में लेखपाल द्वारा मामला विचाराधीन होने की बात कहना कितना न्याय संगत है? यह न्यायालय की बात कह कर सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों का खुला उल्लंघन है। किंतु सत्ता तक पहुंच और स्थानीय जनप्रतिनिधि होने के नाते सारे नियम कानून दम तोड़ देते हैं। वहीं अगर सूत्रों की माने तो लेखपाल सत्यवान सिंह मामले में ले देकर उक्त जनप्रतिनिधि को संरक्षण दे रहे हैं। अब इस बात में कितनी सच्चाई है यह फिलहाल जांच का विषय है।










