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अधिकारियों को सामने रखकर प्रथम नागरिक पर साधा जा रहा निशाना

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खरी-अखरी (सवाल उठाते हैं पालकी नहीं) 

अधिकारियों को सामने रखकर प्रथम नागरिक पर साधा जा रहा निशाना

 

कटनी।

जिले के नगर निगम कटनी क्षेत्र में घंटाघर से जगन्नाथ चौक की मुख्य सड़क जो कि शहर की मुख्य सड़क है विगत तीन – चार वर्षों से खस्ता हाल है। सड़क के अत्यंत जीर्ण शीर्ण होने के कारण आये दिन दुर्घटना होने की संभावना बनी रहती है एवं दिनभर धूल के गुवारों से लोगों का जीना दूभर हो गया है। जिससे सांस की बीमारियों ने पैर पसार लिया है। कटनी शहर की मुख्य सड़क होने के कारण यातायात का दबाव इस सड़क पर पूरे समय बना रहता है एवं तीन-चार वर्षों से इस सड़क के रखरखाव एवं पानी की सिंचाई इत्यादि के नाम पर लाखों रुपये खर्च किए गए हैं। कोई भी जवाबदार अधिकारी एवं प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है एवं क्षेत्रवासियों के लगातार हड़ताल के बाद लगभग एक वर्ष से निविदा एवं कार्यादेश के बावजूद सड़क चौड़ीकरण के नाम पर अधिकारियों द्वारा भू अधिग्रहण की करने के बाद चौड़ीकरण का कार्य कराये जाने के नाम पर कार्य को लंबित किया जा रहा है। अभी भू अर्जन इत्यादि की कार्रवाई में समय लगेगा। इसे ध्यान में रखते हुए वर्तमान में उपलब्ध सड़क पर तत्काल एक परत डामरीकरण का कार्य आमजन के हित में किया जा सकता है। अगर एक परत तत्काल सड़क निर्माण का यह कार्य नहीं किया जाता है तो स्थिति जन आन्दोलनात्मक हो सकती है। सड़क निर्माण का कार्य समय पर नहीं किए जाने से आमजन एवं व्यापारियों में भारी रोष व्याप्त है। यह मजमून है मुडवारा और बहोरीबंद विधायक संदीप जायसवाल और प्रणय पांडे द्वारा विगत माह में सम्पन्न हुए विधानसभा सत्र में ध्यान आकर्षण के माध्यम से लगाए गए प्रश्न “सड़क निर्माण न होने” बावत का।

प्रदीप मिश्रा मुख्य अभियंता नगरीय प्रशासन एवं विकास ने अपने पत्र क्रमांक 247 दिनांक 7 जनवरी 2025 को विधानसभा सत्र दिसम्बर 2024 ध्यानाकर्षण 289 नगर पालिक निगम कटनी में सड़क निर्माण न होने बावत कार्यवाही किये जाने के संबंध में पत्र लिखकर आयुक्त नगर पालिक निगम कटनी को निर्देशित किया है कि वे प्रश्नाधीन आर. ओ. डब्लू के निर्माण के साथ-साथ उपलब्ध carriageway पर डामरीकरण का कार्य करने की कार्यवाही करें जिससे वर्तमान सड़क पर यातायात से उत्पन्न होने वाले प्रदूषण को रोका जा सके।

10 वर्षों से लंबित जगन्नाथ चौक घंटाघर सड़क जनता की मांग एवं माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर के आदेश का उल्लेख करते हुए महापौर प्रीति सूरी ने दिनांक 27 दिसम्बर 2024 को कैलाश विजयवर्गीय नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री को शीतकालीन सत्र में दिनांक 18.12.2024 को विधायक द्वारा ध्यानाकर्षण के माध्यम से सड़क के मुद्दे को उठाए जाने का संदर्भ देते हुए लिखा है कि इस सड़क पर भारी आवागमन रहता है। जनता लगातार आवाज उठा रही है। माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर ने 12 मीटर रोड़ के चौड़ीकरण का निर्देश दिया है। वर्तमान में सड़क 8 मीटर चौड़ी है। इस सड़क पर एक परत डामर चढाने से तथा भारी वाहन आने-जाने से सड़क ज्यादा दिन नहीं चल पायेगी साथ ही एक ही स्थल पर दो बार कार्य कराये जाने पर निगम की वित्तीय स्थिति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। मार्च 2023 में चैत्र नवरात्रि पर्व के समय जन सहयोग से इस सड़क पर लगभग 10 लाख रुपये का डामर पेंचवर्क कराया गया है। पिछले 10 वर्षों से प्रस्तावित जगन्नाथ चौक से घंटाघर तक चौड़ीकरण सड़क का टेंडर प्रक्रिया उपरांत दिसम्बर 2023 में सीवर लाइन का कार्य कराया गया एवं अप्रैल मई 2024 में कृष्ट डिजाइन के अनुसार WMM कार्य कराया गया है। मुख्य अभियंता नगरीय प्रशासन एवं विकास प्रदीप मिश्रा के पत्र क्रमांक 247 दिनांक 7 जनवरी 2025 के पत्र के तारतम्य में 8 जनवरी 2025 के पत्र में उल्लेख किया गया है कि मप्र उच्च न्यायालय में प्रभावित भू स्वामियों द्वारा 12 याचिकाएं लगाई गई थीं जिसमें 9 याचिकाओं का निराकरण हो चुका है। शेष 3 याचिकाओं में भी न्यायालय के निर्देश का पालन किया जा चुका है। निगम द्वारा प्रभावितों को मुआवजा देने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। प्रकरण परिषद में निर्णय के लिए प्रस्तावित है। पूर्व में परिषद द्वारा 1.56 लाख रुपये मुआवजा राशि एवं 50 लाख रुपये के प्रशासनिक व्यय की सैध्दांतिक स्वीकृति दिनांक 16.07.2023 को परिषद की बैठक में दी जा चुकी है। प्रस्तावित भूमि/भवन स्वामियों द्वारा आपत्ति एवं परिषद निर्णय अनुसार जांच कर उचित मुआवजा की कार्यवाही कराने के लिए पुन: जांच अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कटनी द्वारा की जाकर 20.09.2024 को पुनः 2 करोड़ 2 हजार रुपये मुआवजा तय किया जा चुका है। सम्पूर्ण प्रक्रिया नियमानुसार न्यायालय के आदेश पर की गई है। इसके अन्यथा दिए गए निर्देश न्यायालय की अवमानना और जनमानस की मंशा के विपरीत होगा। इस पत्र की प्रतिलिपि स्थानीय सांसद विष्णुदत्त शर्मा के साथ ही नगरीय प्रशासन के प्रमुख सचिव, आयुक्त तथा मुख्य अभियंता को भी भेजी गई है।

विधायक द्वारा विधानसभा में उठाए गए सवाल और महापौर का पत्र सामने आने के बाद शहरवासियों और नगर निगम में चल रही राजनीति की बारीक जानकारी रखने वालों के बीच चल रही बातचीत का लब्बोलुआब यह है कि विधानसभा में प्रस्तुत ध्यानाकर्षण से साफ संकेत मिलता है कि विधायक अधिकारियों की आड़ लेकर महापौर को कानूनी दृष्टि से भी फंसाना चाहते हैं। जब एक ही सड़क पर दुबारा वही काम नहीं हो सकता तो फिर विधानसभा में गलत जानकारी देकर मंत्री को गुमराह करते हुए जिस सड़क पर एक बार पेंचवर्क हो गया है तो फिर विभागीय मंत्री से फिर उसी सड़क पर पेंचवर्क कराने का निर्देश क्यों दिलाया गया क्या विधायक जो खुद दो बार महापौर भी रह चुके हैं को नियमों की जानकारी नहीं है ? राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ध्यानाकर्षण में कुछ ऐसे वाक्य भी दर्ज हैं जिनका आशय सरकार को धमकाने वाले हैं, विधायक के ध्यानाकर्षण को शहर विकास के रास्ते में रोड़ा अटकाने वाला भी माना जा रहा है। ध्यानाकर्षण में तो यह होना चाहिए था कि घंटाघर से जगन्नाथ चौक वाली सड़क के चौड़ीकरण के रास्ते में आने वाली समस्त बाधाओं को, माननीय उच्च न्यायालय द्वारा दिए गए निर्देशों के मद्देनजर तत्काल दूर किया जाय न कि जनता के टैक्स के पैसों की बंदरबांट करने का सवाल उठाया जाय वह भी मंत्री को अंधेरे में रखकर। किसी पर उंगली उठाने से पहले विधायक को ध्यान रखना चाहिए कि वे तीन कार्यकाल से विधायकी करते चले आ रहे हैं और घंटाघर – जगन्नाथ चौक वाली सड़क का नासूर पिछले 10 साल शहरवासी सह रहे हैं। वर्तमान महापौर के पहले वाले दबंग महापौरों के रहते शहर विकास को लेकर विधायक ने एकबार भी उन्हें कटघरे में खड़ा करने का साहस नहीं किया आखिर क्यों? घंटाघर – जगन्नाथ चौक वाली सड़क का निर्माण बिना चौड़ीकरण किए बिना नहीं होना चाहिए अगर ऐसा होता है तो वह जनता के पैसों की बर्बादी ही होगी, ऐसा टैक्सपेयर्स का मानना है।

लेखक: अश्वनी बडगैया “अधिवक्ता”

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