काशी के फूलों की सुगंध से महकेगा महाकुंभ मेला
राष्ट्रपति भवन, विधानसभा, अयोध्या परिसर के बाद महाकुंभ मेला को भी फूलों से महका रहे मंडुवाडीह के दिनेश मौर्य
पवन श्रीवास्तव

वाराणसी।
काशी के फूलों की खेप जब पहुंचने लगा महाकुंभ मेला में तो संपूर्ण सनातन फूलों की महक गमक उठा।जी हां यह बिल्कुल सत्य है। इस बार का महाकुंभ मेला तो वैसे भी खुद भी अपनी एक अलग पहचान बनाने के साथ ही प्रत्येक सनातनियों के लिए गर्व का विषय हो रहा है। वैसे तो काशी अपने आपमें ही पवित्रता की श्रेणी में सर्वोच्च है और जब यहां के फूल और पौधे किसी अन्य स्थान पर अपने हरियाली की आभा बिखेरते हैं तो एक अद्वितीय पल होता है जिसे हर कोई अपने मोबाइल, कैमरे में कैद करने को आतुर रहता है। बनारस की एक पहचान यहां की नर्सरी उद्योग भी है। इन्हीं उद्यमियों में से एक दिनेश मौर्य भी हैं जिन्होंने केवल कुंभ मेले को ही नहीं अपितु देश के सर्वोच्च स्थल राष्ट्रपति भवन के मुगल गार्डन, उत्तर प्रदेश के विधानसभा के पार्कों के साथ नव निर्मित अयोध्या को भी खूब सजाया और संवारा था, उन्हीं को महाकुंभ मेले के आयोजन स्थल को देश विदेश की दृष्टि में बेहतर प्रस्तुति कर रहे हैं। महाकुंभ स्थल में फूलों की रंगोली के अलावा विभिन्न प्रजातियों के पौधों और फूलों से निखारने हेतु तन्मयता से लगे हुए है। उनके इस लगन से केवल महाकुंभ स्थल ही नहीं नेपथ्य में काशी की भी पहचान को देश के समक्ष रखने में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं।










