सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की बदहाली कर रही मरीजों के साथ खिलवाड़
सीएमएचओ ने साधी चुप्पी
हरि शंकर पाराशर

कटनी।

रीठी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एक बार फिर अपनी लापरवाही और अव्यवस्था के कारण चर्चा में है। अस्पताल में न तो साफ-सफाई है, न ही इलाज की समुचित व्यवस्था। मरीजों को न दवाएं मिल रही हैं, न ही समय पर डॉक्टर। हालत यह है कि सुबह 11 बजे तक डॉक्टरों के दर्शन नहीं होते, और मरीज दर्द से कराहते हुए इंतज़ार करते रहते हैं।
ICU में अंधेरा, मरीज बेहाल
सबसे गंभीर स्थिति ICU वार्ड की है, जहां बिजली न होने से मरीज अंधेरे और गर्मी में तड़प रहे हैं। अस्पताल में जनरेटर और इनवर्टर होने के बावजूद इन्हें चालू नहीं किया गया। परिजन मरीजों को तौलिए से हवा देते नज़र आए। सवाल उठता है कि जब सुविधाएं मौजूद हैं, तो इनका उपयोग क्यों नहीं हो रहा? अगर जनरेटर खराब है, तो उसकी मरम्मत क्यों नहीं हुई? क्या स्वास्थ्य विभाग के पास मरम्मत के लिए बजट नहीं है, या सिर्फ बिल पास कर जेबें भरना मकसद है?
CMHO की औपचारिकता, जनता परेशान
मुख्य जिला स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. राज सिंह का एक ही जवाब है, “व्यवस्था सुधारी जाएगी।” लेकिन यह वादा अब खोखला साबित हो रहा है। मरीजों की जान जोखिम में है, और स्वास्थ्य विभाग की उदासीनता साफ दिख रही है। आखिर कब तक मरीज इस बदहाल व्यवस्था के शिकार होंगे? जनता मांग करती है कि स्वास्थ्य विभाग ज़मीनी हकीकत पर ध्यान दे और तत्काल कार्यवाही करे।
जनहित में मांग
रीठी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की इस लापरवाही पर तुरंत जांच कराकर जिम्मेदारों पर कार्यवाही होनी चाहिए ताकि मरीजों को बेहतर सुविधाएं मिलें। जनता का स्वास्थ्य कोई मज़ाक नहीं है!










