झूलेलाल चालीसा महोत्सव का भव्य समापन
शोभायात्रा, महाआरती और भंडारे में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
हरि शंकर पाराशर

कटनी।
भगवान श्री झूलेलाल चालीसा महोत्सव का 40 दिवसीय आयोजन कटनी शहर और माधवनगर क्षेत्र में सिंधी समाज द्वारा अपार उत्साह, श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ संपन्न हुआ। इस महोत्सव के अंतिम दिन भव्य शोभायात्रा, महा आरती और भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें मुड़वारा विधायक संदीप जयसवाल ने झूलेलाल चालीसा समिति के सदस्यों के साथ भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया। यह आयोजन हर साल जुलाई-अगस्त के महीने में आयोजित किया जाता है, जिसमें सिंधी समाज की माताएं-बहनें 40 दिनों तक व्रत रखकर सुबह-शाम पूजा-अर्चना करती हैं और अंतिम दिन भव्य शोभायात्रा व भंडारे के साथ व्रत का समापन करती हैं।
भव्य शोभायात्रा ने बांधा समा
महोत्सव के समापन के अवसर पर गुरुनानक वार्ड स्थित श्री झूलेलाल मंदिर में भगवान झूलेलाल की महा आरती और पूजा-अर्चना के साथ शोभायात्रा का शुभारंभ हुआ। शोभायात्रा में सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हुए, जिनमें युवा, महिलाएं और बच्चे उत्साह के साथ नाचते-गाते नजर आए। शोभायात्रा मंदिर से शुरू होकर माधवनगर की गलियों और कटनी शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए भ्रमण करती रही। इस दौरान रंग-बिरंगी झांकियों और जीवंत प्रस्तुतियों ने सभी का मन मोह लिया। कलाकारों ने भक्ति संगीत और भजनों की शानदार प्रस्तुति दी, जिसने शोभायात्रा को और भी आकर्षक बनाया। जगह-जगह प्रसाद वितरण के स्टॉल लगाए गए, जहां श्रद्धालुओं और राहगीरों ने प्रसाद ग्रहण किया।
40 दिवसीय व्रत और पूजा-अर्चना का महत्व
झूलेलाल चालीसा महोत्सव का आयोजन सिंधी समाज द्वारा हर साल 40 दिनों तक किया जाता है। इस दौरान समाज की माताएं और बहनें भगवान झूलेलाल के प्रति अपनी श्रद्धा और भक्ति प्रकट करने के लिए व्रत रखती हैं। सुबह-शाम मंदिर में पूजा-अर्चना, पल्लव, आरती और भजन-कीर्तन का आयोजन होता है। इस वर्ष भी गुरुनानक वार्ड के झूलेलाल मंदिर में 40 दिनों तक अखंड ज्योति प्रज्वलित की गई, जिसके साथ विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। समापन के अवसर पर संत लालदास ने झूलेलाल चालीसा के महत्व को विस्तार से बताया और भजन संगीत की प्रस्तुति से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
भंडारे में विधायक संदीप जयसवाल की उपस्थिति
महोत्सव के अंतिम दिन आयोजित भंडारे में मुड़वारा विधायक संदीप जयसवाल ने झूलेलाल चालीसा समिति के सदस्यों के साथ प्रसाद ग्रहण किया। विधायक ने इस अवसर पर सिंधी समाज की एकता, श्रद्धा और सामाजिक समरसता की सराहना की। उन्होंने कहा कि झूलेलाल चालीसा महोत्सव न केवल धार्मिक आयोजन है, बल्कि यह सामाजिक एकता और भाईचारे का भी प्रतीक है। भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया, जिसमें समाज के सभी वर्गों के लोग शामिल हुए।
सामाजिक एकता का प्रतीक: स्कूटर रैली और अन्य आयोजन
इस वर्ष महोत्सव के दौरान सुहिणा सिंधी ग्रुप द्वारा स्कूटर रैली का आयोजन भी किया गया, जिसमें सामाजिक एकता, श्रद्धा और उमंग का अनूठा संगम देखने को मिला। यह रैली 3 अगस्त को आयोजित की गई थी, जिसमें युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इसके अलावा, मंदिर में भक्ति संगीत, बालक मंडली की प्रस्तुतियां और अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने महोत्सव को और भी यादगार बना दिया।
समापन समारोह में भक्ति का सैलाब
झूलेलाल चालीसा समिति के तत्वावधान में आयोजित इस महोत्सव का समापन भव्य शोभायात्रा और भंडारे के साथ हुआ। शोभायात्रा में शामिल कलश और जवारों ने धार्मिक महत्व को और बढ़ाया। समापन समारोह में भजन-कीर्तन और भक्ति संगीत ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। समिति के सदस्यों ने बताया कि यह आयोजन हर साल कटनी और माधवनगर में धूमधाम से मनाया जाता है, जिसमें समाज के सभी वर्गों के लोग बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं।
प्रशासन का सहयोग
इस भव्य आयोजन के सफल संचालन में स्थानीय प्रशासन का भी पूर्ण सहयोग रहा। शोभायात्रा के दौरान यातायात व्यवस्था और सुरक्षा के लिए प्रशासन द्वारा पुख्ता इंतजाम किए गए थे, जिससे श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं हुई।
झूलेलाल चालीसा महोत्सव कटनी में धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक एकता का एक अनुपम उदाहरण प्रस्तुत करता है। यह आयोजन न केवल सिंधी समाज की आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह समूचे कटनी शहर के लिए एकता और भाईचारे का संदेश भी देता है।
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